बलरामपुर। जिला महिला अस्पताल के परिसर में एचआईवी की जांच किट कूड़े की ढेर में फैली हुई पाई गई है। अधिकांश जांच किट एक्सपायर हो चुकी हैं। कूड़े के ढेर में मिली एचआईवी जांच किट का उपयोग क्यो नहीं हुआ और वह इस तरह फेंकी क्यों गई है इसका जवाब अधिकारी भी नहीं दे पा रहे हैं।
जिला महिला अस्पताल में मरीजों से धन उगाही किए जाने की शिकायतें आए दिन मिलती है। जनप्रतिनिधि एवं उच्चाधिकारियों के निर्देश के बावजूद अस्पताल की व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है। लापरवाही यह है कि अस्पताल में दो साल पहले गर्भवती की जांच के लिए आई एंटीबाडी कार्ड टेस्ट किट का प्रयोग ही नहीं किया गया। बताते चलें कि इस किट का प्रयोग गर्भवती की एचआईवी जांच के लिए किया जाता है।
गर्भावस्था पूर्व देखभाल व प्रसव के लिए अस्पताल आने वाली गर्भवती में एचआईवी की जांच एंटीबाडी कार्ड टेस्ट का प्रयोग किया जाना था। किट का प्रयोग न होने से दो वर्ष से लैब में पड़ी जांच किट एक्सपायर हो चुकी है। जांच किट को संबंधित कर्मी द्वारा धीरे-धीरे कूड़े के ढेर में फेंका जा रहा है। शनिवार को भारी मात्रा में किट कूड़े की ढेर के पास फैला हुआ पाया गया है। करीब 400 रुपये कीमत वाली इस जांच किट का प्रयोग क्यों नहीं किया गया और वह फेंका क्यों जा रहा है यह बताने को कोई भी तैयार नहीं है।
जांच कराकर संबंधित के खिलाफ की जाएगी कार्रवाई
एंटीबाडी कार्ड टेस्ट किट कूड़े के ढेर में फेंके जाने के संबंध में हमे कोई जानकारी नहीं मिली है। यदि जांच किट कूड़े की ढेर में फेंकी गई है तो यह गंभीर लापरवाही है। इस संबंध में जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डॉ. विनीता राय, सीएमएस जिला महिला अस्पताल