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बलरामपुर में क्राइम कंट्रोल के लिए हाईटेक हुई पुलिस

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बलरामपुर में पुलिसकर्मियों व अफसरों को पाठ पढ़ाते एसपी देवरंजन वर्मा - फोटो : BALRAMPUR
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लरामपुर। गुजर रहे साल में पुलिस ने हाई-टेक्नोलॉजी के सहारे अपराध व अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया। हत्या, दुष्कर्म व चोरी की सामान्य घटनाओं में भी कमी आई। मुखबिर रोजगार योजना तथा पुलिस के जवानों को अंग्रेजी पढ़ाने की कवायद सुर्खियों में रही। नियमित रूप से योग व व्यायाम का अभ्यास कर सभी थानों व दफ्तरों के कर्मी सेहतमंद भी बन रहे। नेपाल की खुली सीमा से मादक द्रव्यों तथा मटर की दाल की तस्करी जारी रही। सीमा पर तैनात एसएसबी ने तस्करों को गिरफ्तार कर करोड़ों रुपये का विदेशी सामान भी जब्त किया। बालू के अवैध खनन का काला कारोबार रात के अंधेरे में खूब फला-फूला। अवैध खनन रोक पाने में पुलिस नाकाम दिखी। पेश है वर्ष 2019 में जिले में अपराध व अपराधियों पर नियंत्रण के लिए किए गए पुलिसिया प्रयास का लेखाजोखा :-
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सब कुछ हुआ ऑनलाइन
जिले की पुलिस ने आईटी के क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल की। एफआईआर से लेकर विवेचना तक ऑनलाइन हो गई है। यूपी कॉप, यूपी डायल-112, 1090 व 181 जैसी हेल्पलाइन सेवा के चलते लोगों को खूब फायदा मिला। तकरीबन वर्ष के मध्य में आए एसपी देवरंजन वर्मा ने नई-नई तकनीकों का अभिनव प्रयोग किया। इसका फायदा यह हुआ कि पुलिस व पब्लिक के बीच बेहतर संबंध बने। खुफिया जानकारियां भी समय से मिलने के कारण अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण भी हो सका।
मुठभेड़ के तहत गिरफ्तार हुए कई वांटेड अपराधी
पुलिस ने शासन के निर्देश पर न केवल अपराधियों की कुंडली खंगाली बल्कि नए अपराधियों को भी चिह्नित कर उनका ब्योरा भी जुटाया। कई सालों से पुलिस के लिए चुनौती बने मोस्ट वांटेड अपराधी भी दबोचे गए। इन्हें दबोचने के लिए पुलिस ने मुठभेड़ किया। इस मुठभेड़ में अपराधियों के साथ-साथ पुलिसकर्मी भी घायल हुए। यही नहीं मुठभेड़ के तहत पुलिस ने लग्जरी कारों के गिरोह का भी भंडाफोड़ किया। कई गाड़ियां बरामद की गईं और कई शातिर चोर भी सलाखों के पीछे भेजे गए।
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कारगर रही मुखबिर रोजगार योजना
ऑटो लिफ्टिंग, राहजनी, अवैध शस्त्र व भूमिगत अपराधी को पकड़ने के लिए जिले में शुरू की गई मुखबिर रोजगार योजना सुर्खियों में रही। इस योजना के तहत सही जानकारी देने वाले मुखबिरों को यथोचित नकद पुरस्कार दिया गया। यही नहीं मुखबिर की डिटेल पूरी तरह से गोपनीय रखी गई। इस योजना का सोशल मीडिया तथा उचित माध्यम से खूब प्रचार-प्रसार भी किया गया। योजना के तहत कई खुलासे भी हुए और अपराधी पकड़े भी गए।
सिपाहियों ने पढ़ा अंग्रेजी का पाठ
नौकरी में आने के बाद पढ़ाई-लिखाई से दूर हो रहे आरक्षियों को एसपी ने अंग्रेजी व करंट अफेयर्स का पाठ खूब पढ़ाया। पुलिस लाइन में ट्रेनिंग ले रहे रिक्रूट सहित थानों में तैनात अफसरों व सिपाहियों को हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी अखबार पढ़ने का फरमान जारी किया गया। हालांकि इसकी आलोचना भी हुई लेकिन एसपी देवरंजन वर्मा ने बताया कि इस फरमान के पीछे उनकी मंशा सिर्फ यही रही कि हमारे अफसर व जवान हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी भाषा में भी समृद्ध हों।
महिला आरक्षियों ने भी दिखाया दमखम
एसपी ने पुरुष आरक्षियों के साथ-साथ महिला आरक्षियों को भी खूब प्रेरित किया। महिला आरक्षी थाने की प्रहरी ड्यूटी भी करती दिखीं जबकि सामान्य रूप से ऐसा नहीं होता था। बाइक चलाने की ट्रेनिंग भी महिला आरक्षियों को दी गई। बीट रिपोर्टिंग का काम भी इन्हें सिखाया गया। कुल मिलाकर पूरे वर्ष यह कोशिश की गई कि महिला आरक्षी पुरुष आरक्षियों से किसी भी मामले में कम न दिखें।
बेटियों को पढ़ाया गया सुरक्षा का पाठ
जिले के सभी स्कूलों की छात्राओं को पुलिस कानून की जानकारी दी गई तथा उन्हें सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया गया। बेटियों को शासन द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानून की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें आत्मरक्षा के गुण भी सिखाए गए। यूपी डायल 112, 1090 व 181 जैसे महिला हेल्पलाइन नंबरों के बारे में बेटियों को विस्तार से बताया गया। एसपी से लेकर अन्य अधिकारी स्कूलों में लगातार अभियान चलाते रहे। इस अभियान से न केवल बेटियां सुरक्षित रहीं बल्कि उनके अंदर आत्मविश्वास भी जगा।
सब कुछ रहा सामान्य
राम मंदिर पर सुप्रीम फैसला हो चाहे नागरिकता संशोधन कानून, पुलिस की सतर्कता के चलते इन दो बड़े फैसलों के समय जिले में सब कुछ सामान्य रहा। पुलिस ने गांव-गांव व नगर-नगर घूमकर लोगों की गलतफहमी दूर की और आपसी सौहार्द तथा अमन-चैन कायम रखने की अपील भी की। बलरामपुर पुलिस के इस प्रयास की सराहना बाहर के जनपदों से लेकर शासन तक में हुई।
अराजकतत्वों पर लगा रासुका
दुुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान पचपेड़वा थाना क्षेत्र के हरखड़ी गांव में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले अराजकतत्वों के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की। मामले में लिप्त लोगों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई कर यह संदेश दिया गया कि एकता व अखंडता के साथ खिलवाड़ करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। हरखड़ी गांव की घटना, दो पक्षों के बीच मारपीट ही नहीं बल्कि यह अमन-चैन का माहौल समाप्त करने की साजिश थी। पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया।
जारी रहा अवैध खनन का खेल
काफी प्रयास के बाद भी पुलिस जिले में चल रहे सफेद रेत के काले कारोबार का तिलिस्म नहीं तोड़ पाई। धर-पकड़ तो खूब हुई लेकिन खनन माफिया अपने काम को वर्ष भर अंजाम देते रहे। यही नहीं प्रतिबंधित पहाड़ी नालों का स्वरूप तो अवैध खनन के चलते बिगड़ा ही क्षेत्र में आवागमन के लिहाज से लाइफ लाइन माने जाने वाले घौबेनियां नाले के पुल की नींव भी खोद डाली गई। खनन में दबदबा कायम करने के लिए गैंगवार भी हुई। रात के अंधेरे में सफेद रेत के काले कारोबार का सिलसिला अभी भी जारी है।
खूब हुई नेपाली मटर व शराब की तस्करी
नेपाल-भारत की खुली सीमा का तस्करों ने खूब फायदा उठाया। सीमापार से नेपाली शराब के साथ-साथ चरस व मटर की दाल की तस्करी सुर्खियों में रही। सीमा पर तैनात एसएसबी तथा पुलिस के जवानों ने तस्करों को गिरफ्तार कर वर्ष भर में करीब तीन करोड़ का सामान जब्त किया। कई तस्कर जेल भी भेजे गए। खुली सीमा की पगडंडियों का तस्करों ने खूब फायदा उठाया।
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फैक्ट फाइल
कुल आबादी - 2,148,665
पुरुष - 1,114,721
महिला - 1,033,944
कुल सीओ सर्किल - 04
कुल थाने - 13
महिला थाना - 01
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