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संक्रामक रोगों पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर

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बलरामपुर के मोतीपुर गांव में लोगों को दवा वितरित करते स्वास्थ्यकर्मी। - फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तरह से कमर कस ली है। संचारी रोग की रोकथाम के लिए जिले में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू किया गया है।
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जिले के हरैैया ब्लॉक अंतर्गत दो गांवों में संक्रामक रोग फैला हुआ है। दोनों गांवों में अब तक बुखार व उल्टी-दस्त से 14 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रभावित गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम कैंप लगाकर ग्रामीणों को दवा बांटने के साथ-साथ स्वच्छता व शुद्घ पेयजल का सेवन करने के लिए जागरूक कर रही है।
बारिश व बाढ़ के बाद जिले के अति पिछड़े हरैया सतघरवा ब्लॉक में संक्रामक रोग का प्रकोप बढ़ गया है। इस ब्लॉक के दो गांव मोतीपुर व गोकुली में बीते दिनों संक्रामक रोग से 14 लोगों की मौत हो चुुकी है।
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मोतीपुर में 10 तथा गोकुली गांव में चार लोग बुखार व उल्टी दस्त की चपेट में आकर दम तोड़ चुुुके हैं। इन गांवों में संक्रामक रोग फैलने और लोगों की मौत होने से आस-पास के गांवों में भी हड़कंप मच गया है।
सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर बीमारी पर नियंत्रण के लिए उपचारात्मक कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने का कार्य भी शुरू कर दिया। सीएमओ डा. सुशील कुमार व एसीएमओ डॉ. एके सिंघल ने खुद गांव में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
पीड़ितों का उपचार कराने के साथ-साथ ग्रामीणों को दवाएं उपलब्ध कराई गई। इन गांव में संक्रामक रोग फैलने का मुख्य कारण गंदगी व शुद्ध पेयजल का न होना बताया गया। ग्रामीणों की अशिक्षा व अंधविश्वास के चलते बीमारी का प्रकोप जानलेवा साबित हुआ। स्वास्थ्य विभाग की टीम के अनुसार पीड़ितों का इलाज कराने के बजाए परिजन झाड़ फूंक में फंसे रहे जिससे इतने अधिक लोगों की मौत हो गई।
संक्रामक रोग से प्रभावित मोतीपुर व गोकुली गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम जुटी हुई है। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लगातार ग्रामीणों की निगरानी की जा रही है। पीड़ित लोगों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर भेजकर उपचार किया जा रहा है। जिन लोगों में संक्रामक रोग का हल्का सा भी लक्षण दिखता है उन्हें तत्काल दवा दी जाती है।
ग्रामीणों को घर व आसपास की साफ-सफाई के साथ-साथ खुद साफ सुथरा रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है। शुद्ध पेयजल के अभाव में पानी को उबालकर पीने का सुझाव दिया गया है। प्रशासन की तरफ से दोनों गांवों में अतिरिक्त सफाई कर्मी लगाकर गांव की साफ सफाई के साथ नालियों में कीट नाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है।
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