फोटो-27,28-बलरामपुर के पचपेड़वा क्षेत्र में हुआ ओलावृष्टि ।-संवाद
बलरामपुर/ गैसड़ी। जिले में बुधवार रात मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश के साथ कई गांवों में ओलावृष्टि हुई। इससे जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं गन्ने की खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई है।
लक्ष्मीनगर, हरनहवा परसिया, गोबरी, सतनी, शंकरपुर कला, त्रिलोकपुर और नरायनपुर थमुआ समेत कई गांवों में देर शाम तेज हवा के साथ झमाझम बारिश हुई। कई स्थानों पर ओले भी गिरे। तेज आंधी के कारण जगह-जगह पेड़ गिर गए, जिससे बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। किसान रामनरेश यादव ने बताया कि उन्होंने हाल ही में गन्ने की बोआई की थी। लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया है, जिससे फसल सड़ने का खतरा बढ़ गया है। वहीं किसान शिवपूजन वर्मा ने कहा कि जिन खेतों में गन्ना बड़ा हो चुका है, वहां बारिश से फायदा मिलेगा और फसल की बढ़वार अच्छी होगी। ज्येष्ठ माह में आमतौर पर तेज गर्मी पड़ती है लेकिन इस बार लगातार हो रही बारिश और ठंडी हवाओं से मौसम आषाढ़ जैसा महसूस हो रहा है। जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिला कृषि अधिकारी उपेंद्र नाथ खरवार ने बताया कि लगातार बारिश से नई गन्ना बोआई वाले खेतों में जलभराव होने पर बीज सड़ने की आशंका रहती है। किसानों को खेतों से पानी निकालने की सलाह दी गई है। वहीं तैयार खड़ी गन्ना फसल के लिए यह बारिश लाभकारी साबित हो सकती है।