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Balrampur News: प्राइवेट प्रैक्टिस को तरजीह दे रहे सरकारी डॉक्टर

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बलरामपुर के संयुक्त जिला चिकित्सालय में चिकित्सक का इंतजार करते मरीज ।-संवाद
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बलरामपुर। सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर अस्पतालों में मरीजों के इलाज के बजाय प्राइवेट प्रैक्टिस को तरजीह दे रहे हैं। इस बात का खुलासा शासन की ओर से जुलाई व अगस्त में चिकित्सकों की ओपीडी संख्या की जांच में हुआ है। जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों ने मानक के अनुसार प्रतिदिन औसतन 40 से कम मरीजों की ओपीडी की है। इसे लेकर स्वास्थ्य निदेशालय ने जवाब मांगा है।
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शासन के निर्देशानुसार जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सरकारी व संविदा चिकित्सकों को प्रतिदिन ओपीडी में 40 से अधिक मरीजों को परामर्श देना है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जिले में ओपीडी की समीक्षा की गई। इसमें ज्यादातर चिकित्सकों की ओपीडी संख्या 40 से कम पाई गई है। 13 चिकित्सक ऐसे हैं, जिन्होंने 10 से भी कम मरीज ओपीडी में देखे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अगस्त में पांच व जुलाई माह में आठ चिकित्सकों की ओपीडी संख्या 10 से कम मिली है। वहीं अगस्त में 54 व जुलाई में 51 चिकित्सक/चिकित्साधिकारियाें ने औसतन प्रतिदिन 40 से कम मरीजों को ओपीडी में देखा है। (संवाद)
ओपीडी मानक को ताक पर रख रहे सरकारी डॉक्टर

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की ओर से कराए गए सर्वे में प्राइवेट प्रैक्टिस में संलिप्त चिकित्सकों की ओपीडी मानक से कम पाई गई है। इसमें जिला महिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नगमा खान ने अगस्त में प्रतिदिन औसतन 11 मरीज व इसी अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. महेश कुमार वर्मा ने प्रतिदिन 27 मरीज देखे हैं। इसी तरह जिला मेमोरियल अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज वर्मा ने प्रतिदिन 38 मरीज व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हीरालाल ने 39 मरीजों की ओपीडी प्रतिदिन की है। यह चारों चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों की सूची में शामिल हैं।
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डॉक्टरों की गैर मौजूदगी से मरीजों का बढ़ता है दर्द
सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज व जांच की उम्मीद में आने वाले मरीजों का दर्द डॉक्टरों की गैर मौजूदगी से और बढ़ जाता है। चिकित्सक मीटिंग, ऑपरेशन, स्पेशल कैंप व इमरजेंसी ड्यूटी के नाम पर आए दिन ओपीडी से गायब रहते हैं। ओपीडी में चिकित्सकों की खाली कुर्सी देखकर मरीजों को निराश लौटना पड़ता है।
नोटिस देकर मांगा स्पष्टीकरण
10 से कम ओपीडी करने वाले चिकित्सकों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं 40 से कम ओपीडी करने वाले चिकित्सकों को सुधार का निर्देश दिया गया है। यदि सितंबर में ओपीडी की संख्या में सुधार नहीं होगा तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी, सीएमओ बलरामपुर
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