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Balrampur News: सड़क हादसे में दो सगे भाइयों समेत चार युवकों की मौत

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बलरामपुर के मूडाडीह गांव में युवकों की मौत के बाद शोकाकुल परिवारजन। संवाद
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श्रीदत्तगंज। नगर क्षेत्र के उतरौला मार्ग पर कांदभारी गांव के पास बुधवार रात सड़क हादसे में दो सगे भाइयों समेत चार युवकों की मौत हो गई। वहीं दो की हालत गंभीर है। एक को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ तो दूसरे को बहराइच मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। एक ही गांव के सभी युवक दो बाइकों से दुर्गा पूजा और रामलीला देखने गए थे। लौटते समय दोनों बाइक अज्ञात वाहन की चपेट में आ गईं। पुलिस वाहन की तलाश कर रही है।
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महराजगंज तराई क्षेत्र के मूडाडीह गांव के सगे भाई सीताराम (22) और गोलू उर्फ संतोष मौर्य (23), संजय वर्मा (25), अंकित मौर्य (21), ओरिंदर कुमार मौर्य (24) और दिनेश मौर्य (23) दो बाइकों से बुधवार दोपहर को दुर्गापूजा और रामलीला देखने के लिए निकले थे। एक बाइक पर सीताराम, संतोष और दिनेश थे, संतोष बाइक चला रहे थे। वहीं दूसरी बाइक पर संजय, अंकित और ओरिंदर थे, बाइक संजय चल रहे थे। शहर में दुर्गापूजा देखने के बाद सभी उतरौला रामलीला देखने गए थे। वहां से रात करीब 12 बजे घर लौट रहे थे। इसी दौरान उतरौला मार्ग पर कांदभारी गांव के पास दोनों बाइक किसी वाहन की चपेट में आ गईं। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस युवकों को संयुक्त जिला अस्पताल लेकर पहुंची। वहां डॉक्टरों ने सीताराम, गोलू उर्फ संतोष मौर्य, संजय वर्मा और अंकित मौर्य को मृत घोषित कर दिया। वहीं हालत गंभीर देखते हुए ओरिंदर कुमार मौर्य को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ और दिनेश को बहराइच मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। प्रभारी निरीक्षक सुधीर सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया दोनों बाइक के किसी बड़े वाहन की चपेट में आने की बात सामने आई है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। हादसे के वक्त दोनों बाइक पर तीन-तीन युवक सवार थे और किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था।

गांव में पसरा मातम, रो-रोकर बेसुध हुए परिजन
महराजगंज तराई। सड़क हादसे की खबर जैसे ही बृहस्पतिवार सुबह मूडाडीह गांव पहुंची, गांव में कोहराम मच गया। चार-चार नौजवानों की मौत से हर कोई गमगीन है। गांव की गलियों में मातम पसरा हुआ है।
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मृतक संजय वर्मा और अंकित मौर्य का घर अलग-बगल ही है। वहीं, सीताराम और संतोष मौर्य सगे भाई थे। अभी किसी की शादी नहीं हुई थी। अचानक दो बेटों की मौत की खबर सुनते ही पिता मिठ्ठूलाल मौर्य बेसुध हो गए। संजय के पिता रोधश्याम वर्मा और अंकित के पिता राधेश्याम मौर्य भी गहरे सदमे में हैं। सीताराम और संतोष की मां छोटे बेटे सोनू (8) को गले लगाकर रो-रोकर बेहाल थीं। सभी परिवारों में मातम पसरा है। घरों में सांत्वना देने पहुंचीं महिलाएं रोते-बिलखते परिजनों को ढाढ़स बंधाती रहीं। हादसे की सूचना पाकर रिश्तेदार और आसपास गांव के लोग मृतकों के घरों पर जुटने लगे। हर कोई इस त्रासदी को देखकर गमगीन है। मृतक संजय के छोटे भाई अविनाश वर्मा ने बताया कि चारों युवकों में गहरी दोस्ती थी और अक्सर साथ ही घूमते थे।

एक साथ जलीं चार चिताएं, गांव में नहीं जले चूल्हे
महराजगंज तराई। बुधवार रात हुए हादसे में चार-चार बेटों की मौत ने मूडाडीह गांव को हिला कर रख दिया। बृहस्पतिवार देर रात शव गांव पहुंचे तो चीख-पुकार मच गई। शुक्रवार सुबह चारों शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। इा दौरान गांव के हर व्यक्ति की आंखें नम थीं।
अंतिम संस्कार उपजिलाधिकारी तुलसीपुर राकेश कुमार जयंत की मौजूदगी में कराया गया। गांव में शुक्रवार को पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। न किसी घर में चूल्हा जला, न ही किसी ने खाना बनाया। लोग घर-घर जाकर पीड़ित परिवारों को ढाढ़स बंधाते रहे। देर रात शांतिपूर्वक गांव में मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन भी किया गया। ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि एक ही गांव की चार चिताएं एक साथ जलेंगी। यह मंजर गांव के इतिहास में कभी नहीं देखा गया था।
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