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Balrampur News: खरझार नाले की बाढ़ से गांवों में तबाही, घरों में घुसा पानी

Sun, 27 Sep 2026 11:10 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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फोटो-10-बलरामपुर के ललिया -महराजगंज मुख्य मार्ग पर साहेब नगर डिप पर बह रहे पानी से होकर गुजरते 
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महराजगंज तराई। पहाड़ों पर लगातार तीन दिन से हो रही बारिश ने तराई क्षेत्र में खरझार नाले के किनारे बसे गांवों की मुश्किल बढ़ा दी है। रविवार सुबह करीब 5:30 बजे खरझार नाले में अचानक आई बाढ़ का पानी आधा दर्जन से अधिक गांवों में घुस गया, जबकि करीब एक दर्जन गांव चारों तरफ से पानी से घिर गए। रामगढ़ मैटहवा गांव पूरी तरह जलमग्न हो गया। घरों में पानी घुसने से ग्रामीणों के सामने भोजन बनाने और खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया। घरों में रखा अनाज, खाद्य सामग्री और अन्य सामान पानी में भीगकर खराब हो गया। अचानक पानी बढ़ने से कई परिवार छतों पर शरण लेने को मजबूर हुए। बाढ़ का पानी बढ़ने के साथ ग्रामीणों में दहशत भी बढ़ गई है।
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ललिया रोड पर साहेबनगर गांव के डिप के पास खरझार नाले में करीब तीन फीट पानी बह रहा है। तेज बहाव के कारण इस रास्ते से आवागमन प्रभावित है। रामगढ़ मैटहवा के साथ ही विजयीडीह, जगरामपुरवा, ओरहिया, लहेरी, सुगानगर और लोनियनपुरवा समेत आसपास के गांवों में भी पानी पहुंच गया है। कई रास्तों पर पानी भर जाने से गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार करीब छह घंटे के भीतर नाले में दो बार बाढ़ आने से स्थिति और बिगड़ गई। सुबह जब लोग घरों में सो रहे थे, उसी दौरान पानी तेजी से गांव की ओर बढ़ा। कुछ ही देर में घरों के आसपास पानी भर गया और लोगों को सुरक्षित स्थान की तलाश करनी पड़ी।
नाले के तटवर्ती गांव रामगढ़ मैटहवा, बनकटवा, ओरहिया, लहेरी और विजयीडीह के किसान मन्नू, तुलाराम, अवधेश कुमार, अब्दुल्ला और सलीम आदि का कहना है कि बाढ़ आने पर खेत और घर दोनों प्रभावित होते हैं। घरों में रखा अनाज और सामान खराब हो जाता है तथा कई दिनों तक रास्ते बंद रहते हैं। उनका कहना है कि सूखे के समय नाले का पानी कुछ राहत देता है, लेकिन बारिश के दिनों में यही नाला गांवों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाता है।
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तटबंध कटने से गांव में पहुंच रहा पानी, स्कूल डूबा
रामगढ़ मैटहवा गांव के पूरब दिशा में करीब 70 मीटर तटबंध कट गया है। तटबंध कटने के बाद पानी का बहाव खेतों की ओर तेज हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कटे हिस्से की तत्काल मरम्मत नहीं हुई तो पानी गांव की ओर और तेजी से पहुंच सकता है। ग्रामीणों ने तटबंध कटने की जानकारी विभागीय अधिकारियों को देकर मरम्मत कराने की मांग की है। बाढ़ के बीच तटबंध का कटना ग्रामीणों के लिए नई चिंता बन गया है।
रामगढ़ मैटहवा स्थित परिषदीय विद्यालय भी बाढ़ के पानी से घिर गया है। विद्यालय परिसर में पानी भरने से पठन-पाठन प्रभावित होने की स्थिति है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के रास्तों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी भरा होने से बच्चों का स्कूल पहुंचना भी मुश्किल है। यदि पानी लंबे समय तक जमा रहा तो विद्यालय भवन और परिसर को भी नुकसान हो सकता है।
तैयार की जा रही है रिपोर्ट
उपजिलाधिकारी हेमंत गुप्ता ने बताया कि बाढ़ की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। क्षेत्रीय लेखपाल को मौके पर भेजकर स्थिति का निरीक्षण कराया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने बताया कि गांव से पानी जल्द ही निकल जाएगा।

फोटो-10-बलरामपुर के ललिया -महराजगंज मुख्य मार्ग पर साहेब नगर डिप पर बह रहे पानी से होकर गुजरते 

फोटो-10-बलरामपुर के ललिया -महराजगंज मुख्य मार्ग पर साहेब नगर डिप पर बह रहे पानी से होकर गुजरते 

फोटो-10-बलरामपुर के ललिया -महराजगंज मुख्य मार्ग पर साहेब नगर डिप पर बह रहे पानी से होकर गुजरते 

फोटो-10-बलरामपुर के ललिया -महराजगंज मुख्य मार्ग पर साहेब नगर डिप पर बह रहे पानी से होकर गुजरते 

फोटो-10-बलरामपुर के ललिया -महराजगंज मुख्य मार्ग पर साहेब नगर डिप पर बह रहे पानी से होकर गुजरते 

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