बलरामपुर। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार हुई बारिश से राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रविवार शाम पांच बजे तक नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु 103.620 मीटर को पार कर 104.270 मीटर पहुंच गया। यानी नदी चेतावनी बिंदु से 65 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने के साथ जिले के निचले इलाकों में कटान का खतरा भी बढ़ गया है। हालांकि जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने कहा कि नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन अभी जिले में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है।
उधर, पचपेड़वा क्षेत्र में बूढ़ी राप्ती के उफान से बरगदहा सोहना गांव के लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों के मुताबिक नदी का पानी गांव से करीब 50 मीटर की दूरी तक पहुंच गया है। इससे गांव पर कटान का खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से बाढ़ के दौरान यहां कटान की समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक प्रभावी कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया। हर वर्ष बाढ़ के दौरान नदी का पानी गांव के करीब पहुंच जाता है। पिछले वर्ष भी बाढ़ के दौरान एक व्यक्ति नदी के पानी में बह गया था। इसके बावजूद कटान रोकने के लिए स्थायी इंतजाम नहीं किए गए।
ग्रामीणों ने बताया कि कटानरोधी कार्य के लिए मुख्यमंत्री की ओर से शिलान्यास पट्ट भी लगाया गया था, लेकिन काम जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है। बाढ़ के पानी और जलभराव से मल्दा-गनेशपुर मार्ग समेत लक्ष्मी नगर की ओर जाने वाले रास्तों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से ग्रामीणों को अब कटान का डर सता रहा है। गुड्डू चौधरी, सुरेश चौधरी, संतराम गौतम, राम प्रसाद मिश्रा, दुलारे यादव, राजेंद्र वर्मा, रामतीर्थ गौतम, पातीराम गौतम, आनहू वर्मा, धनई यादव, श्रीराम मौर्य, रमजान बरगदहा, रामदेव चौधरी, मंशाराम, सुरेश गौतम और बद्री यादव ने प्रशासन से गांव की सुरक्षा के लिए तत्काल कटानरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है।
राप्ती का जलप्रवाह 69 हजार क्यूसेक, बाढ़ नहीं
जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने बताया कि राप्ती नदी के जलस्तर और जलप्रवाह की लगातार निगरानी की जा रही है। नदी का जलप्रवाह एक दिन पहले करीब 69 हजार क्यूसेक के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था, जिसे उन्होंने सामान्य सीमा में बताया। वर्तमान में जिले में बाढ़ की स्थिति नहीं है। कुछ निचले इलाकों में जलभराव है, जहां पंचायती राज विभाग और अन्य टीमें जलनिकासी में लगी हैं।