हरैया क्षेत्र के एक व्यक्ति ने जोखू, सुरेंद्र, अब्दुल गफ्फार, रियाज व इजहार के खिलाफ 15 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर 12 अक्टूबर 2019 को ले जाने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने पीड़िता के बयान व मेडिकल रिपोर्ट के बाद सामूहिक दुष्कर्म की धारा बढ़ाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया।
सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक पास्को एक्ट पवन कुमार शुक्ल ने सात गवाहों को न्यायालय में पेश किया। दोनों पक्षों की दलील सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ने अब्दुल गफ्फार, सुरेंद्र, रियाज व इजहार को सामूहिक दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष की कैद और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को 5-5 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। जोखू को छेड़छाड़ का दोषी मानते हुए एक वर्ष कैद व दो हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।