बलरामपुर। गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए एफटीसी प्रथम ने तीन लोगों को 5-5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने पिता व उनके पुत्रों को दोषी मानते हुए 6-6 हजार अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।
सरकारी अधिवक्ता रणधीर सिंह ने बताया कि चार मार्च 2011 को रामलाल यादव ने कोतवाली नगर में प्रार्थना पत्र दिया कि उसकी बहू कांती देवी को विदा कराने के लिए मायके के लोग आए थे।
उस दिन विदाई करने से मना करने पर कांती देवी के पिता तीरथराम व भाई राम मनोहर व श्याम बहादुर ने ससुरालीजनों को लाठी-ठंडो से मारा जिसमें रामलाल, महेश व कांति देवी को चोटे आई।
पुलिस ने मुकदमा लिखकर विवेचना शुरु कर दी। इलाज के दौरान रामलाल की मृत्यु हो गई। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का प्रथम दृष्टया दोषी मनाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने 8 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एफटीसी प्रथम विनोद कुमार-पंचम ने तीरथराम, राम मनोहर व श्याम बहादुर को रामलाल के गैर इरादत हत्या का दोषी मानते हुए 5-5 वर्ष की कठोर कारावास व 6-6 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को साढ़े तेरह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।