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Balrampur News: डीजल के लिए पंपों पर डटे किसान, कई जगह ‘नो स्टॉक’

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-बलरामपुर के गोंडा रोड पर पेट्रोल टंकी पर लगी उपभोक्ताओं की लाइन ।-संवाद
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बलरामपुर। जिले में पेट्रोल-डीजल की किल्लत ने आम जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने से लोग एक पंप से दूसरे पंप तक भटकते नजर आए। कहीं ‘ईंधन नहीं है’ का बोर्ड लगा मिला तो कहीं लंबी कतार में घंटों इंतजार के बाद भी निराशा हाथ लगी। किसान खेती-किसानी छोड़कर डीजल के लिए गैलन और डिब्बा लेकर पंपों पर डटे दिखे।
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जिला मुख्यालय के वीर विनय चौराहा स्थित पंप पर शुक्रवार शाम से ही ‘ईंधन नहीं है’ का नोटिस चस्पा कर दिया गया था। शनिवार को भी पूरे दिन उपभोक्ताओं को पेट्रोल-डीजल नहीं मिल पाया। बहराइच मार्ग स्थित पहलवारा पंप पर भी इसी तरह की स्थिति रही। पंपों पर सन्नाटा और बाहर खड़े मायूस वाहन चालकों की भीड़ ईंधन संकट की तस्वीर बयां करती रही।
तुलसीपुर मार्ग पर चुंगीनाका के पास स्थित पेट्रोल पंप पर सुबह से ही वाहनों की लंबी कतार लग गई। बाइक सवार दो लाइनों में खड़े रहे, जबकि कार और बड़े वाहन सड़क तक खड़े थे। ग्राहक राधेश्याम और परवेज ने बताया कि मुख्य चौराहे वाले पंप पर पेट्रोल नहीं मिला, इसलिए यहां आए हैं, लेकिन यहां भी घंटों से लाइन में खड़े हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात चिंताजनक रहे। पचपेड़वा बाजार स्थित पंप पर ‘ईंधन नहीं है’ का नोटिस चस्पा कर पंप परिसर में प्रवेश रोकने के लिए चारों ओर रस्सी बांध दी गई थी। ग्राहक शमसुद्दीन, रहमान और करीम ने बताया कि पेट्रोल न मिलने से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। मजबूरी में जिला मुख्यालय का रुख करना पड़ रहा है।
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खेत छोड़ डीजल की तलाश में भटके किसान

डीजल की किल्लत का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। गोंडा मार्ग स्थित पंप पर किसान गैलन और डिब्बा लेकर लाइन में खड़े नजर आए। किसान राम सुमिरन और फकीरे ने बताया कि सरसों की कटाई के बाद खेतों की जोताई करनी है, लेकिन डीजल नहीं मिल रहा। रामधीरज ने कहा कि सिंचाई के लिए पंपिंग सेट बंद पड़ा है, खेत में पलेवा करना है पर डीजल नहीं मिल पा रहा। वहीं रामप्रसाद ने बताया कि डीजल न मिलने से उनकी आटा चक्की बंद हो गई है, जिससे आय पर असर पड़ रहा है। ईंधन की कमी से ट्रैक्टर, सिंचाई पंप, जनरेटर और छोटे व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं।
मांग के अनुसार आपूर्ति

जिले में 88 पेट्रोल पंप संचालित हैं और मांग के अनुसार पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति की जा रही है। कुछ पंपों पर स्टॉक खत्म होने की सूचना मिली है, जहां जल्द आपूर्ति कराई जाएगी।
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- कुमार निर्मलेंदु, जिला पूर्ति अधिकारी बलरामपुर
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