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खाद की कमी को लेकर किसानों ने जताया आक्रोश

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गैंड़ास बुजुर्ग (बलरामपुर)। शासन-प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद उर्वरकों की कालाबाजारी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। क्षेत्र में यूरिया की कालाबाजारी धड़ल्ले से जारी है। इससे किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। गेहूं की फसल में टॉप ड्रेसिंग के लिए किसान महंगे दामों पर यूरिया खरीदने को विवश हैं। क्षेत्रीय किसानों ने आक्रोश जताते हुए यूरिया की कालाबाजारी करने वाले उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग डीएम से की है।
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क्षेत्रीय किसान शकील अहमद, सलाहुद्दीन, सुखराम, हृदयराम, मुजीबुर्रहमान, विनय कुमार, कृष्ण मुरारी व बाबर अली आदि ने डीएम को भेजे गए शिकायती पत्र के जरिए कहा है कि सादुल्लाहनगर, मुबारकपुर, परसिया, गैंड़ास बुजुर्ग, इटईरामपुर व हुसैनाबाद ग्रंट स्थित सरकारी गोदामों पर यूरिया उपलब्ध नहीं है। गोदामों पर यूरिया न होने के कारण रामपुर अरना, शुकनी बाजार, धुसवा बाजार तथा हुसैनाबाद में उर्वरक विक्रेता धड़ल्ले से यूरिया की कालाबाजारी कर रहे हैं। एक बोरी यूरिया के लिए किसानों से 600 रुपये वसूले जा रहे हैं। गोदाम पर यूरिया न मिलने के कारण किसान महंगे दामों में खरीदने को विवश हैं।
किसानों ने कहा है कि तमाम शिकायतों के बावजूद कालाबाजारी करने वाले उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। इसी के चलते कालाबाजारी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। इन लोगों ने डीएम से गोदामों पर यूरिया उपलब्ध कराए जाने तथा कालाबाजारी करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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गोदाम प्रभारी राम बहादुर मौर्य ने बताया कि अभी जिला मुख्यालय पर ही यूरिया खाद की रैक नहीं पहुंची है जिसके कारण गोदाम पर खाद उपलब्ध नहीं हो पायी है। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी आरपी राना ने बताया कि यूरिया की खेप जिले में पहुंच गई है। जल्द ही सभी गोदामों पर यूरिया खाद पहुंचायी जाएगी।
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