बलरामपुर। एमएलके महाविद्यालय सभागार में शनिवार को जीवशास्त्र संकाय व एशियन बायोलॉजिकल रिसर्च फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। शिक्षाविदों ने पर्यावरणीय चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि सभी वर्ग के विशेषज्ञों को एक साथ मिलकर कार्य करना होगा। दो दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन नेपाल, बांग्लादेश व भारत के अलग-अलग राज्यों से तमाम शिक्षाविद व शोधार्थी शामिल हुए।
सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सदस्य डॉ. अशोक कुमार वर्मा, विशिष्ट अतिथि बांग्लादेश विश्वविद्यालय के पूर्व निदेशक प्रो. विनय चक्रवर्ती, नेपाल विश्वविद्यालय के कीनोट स्पीकर प्रो. दिलीप झा, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रो. अश्विनी मिश्र, महाविद्यालय प्रबंध समिति के सचिव लेफ्टिनेंट कर्नल आरके मोहंता एवं प्राचार्य प्रो. जेपी पांडेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि मानव ईश्वर सर्वोत्कृष्ट रचना है। शोधार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि दूरदृष्टि, पक्का इरादा, निश्चित लक्ष्य, कड़ी मेहनत व अनुशासन के बल पर बड़ी से बड़ी चुनौतियों से निपटा जा सकता है। बांग्लादेश से आए प्रो. विनय चक्रवर्ती ने कहा कि अब पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए प्राकृतिक विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रबंधन के विशेषज्ञों को एक साथ मिलकर कार्य करना होगा। नेपाल से आए प्रो. दिलीप झा ने एशियन बायोलाॅजिकल रिसर्च फाउंडेशन के कार्यवृत्त एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने कहा कि शिक्षा ज्ञान प्राप्ति का माध्यम है। विद्यालय प्रबंध समिति के सचिव ने कहा कि कहा कि पहली बार यहां तीन देशों के प्रतिनिधि सम्मेलन में सीधे भाग ले रहे हैं और चार देशों के प्रतिनिधि ऑनलाइन अपना विचार व्यक्त करेंगे। प्राचार्य ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह सम्मेलन हमें पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा।
-
प्राचार्य को किया सम्मानित
राजकीय पक्षी को बढ़ावा देने के लिए सारस का जोड़ा स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट किया गया। वहीं जीसा संस्था की तरफ से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए एमएलके महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. जेपी पांडेय को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस दौरान शिक्षाविद और शोधार्थियों द्वारा प्रकाशित सोविनियर का विमोचन भी किया गया। सम्मेलन का संचालन एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. देवेंद्र कुमार चौहान ने किया।