बलरामपुर के गंगाबक्स भागड़ गांव के पास कटान कर रही राप्ती नदी।
ललिया (बलरामपुर)। राप्ती नदी खतरे के निशान 104.620 मीटर से एक मीटर से अधिक नीचे आ गई है। बृहस्पतिवार को नदी चेतावनी बिंदु 103.620 मीटर को पार कर खतरे के निशान की ओर बढ़ रही थी। शुक्रवार सुबह छह बजे से नदी तेजी से घटने लगी और शाम तक 103.350 मीटर पर आकर रुक गई है।
अब नदी चेतावनी बिंदु से 70 सेंटीमीटर नीचे आ गई है और 1.70 मीटर खतरे के निशान से दूर हो गई है, लेकिन घटते जलस्तर से कटान तेज हो गया है। ललिया क्षेत्र के गंगा बख्श भागड़ और चौकाकला के माधवापुर गांव में कटान से किसान परेशान हैं। नदी की तेज धार अब तक 50 बीघे से ज्यादा उपजाऊ जमीन निगल चुकी है, कई घरों की नींव खतरे में है। गंगा बख्श भागड़ के किसान सियाराम, त्रिभुवन, पतीराज, छोटेलाल, तुलसी, श्याम बहादुर, राजित राम, कौशल्या, ननकू, सहजराम, विनय राम, अंतू दास और साधु के घर कटान की जद में आ गए हैं।
सियाराम की 12 बीघे, शिवकुमार वर्मा की 20 बीघे, जमुना पांडे की आठ बीघे, बाबूराम की तीन बीघे और कन्हैयालाल की सात बीघे जमीन नदी में समा चुकी है। माधवापुर में कटान रोकने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन खतरा लगातार बढ़ रहा है। प्राथमिक विद्यालय अब कटान से सिर्फ दो-तीन मीटर और पंचायत भवन मात्र दो मीटर की दूरी पर है। ग्रामीण पलटन यादव ने बताया कि अगर नदी ने कटान बंद नहीं किया तो गांव के करीब 100 घर धारा में समा जाएंगे। उतरौला क्षेत्र में अभी नदी की रफ्तार रुकी है। एडीएम प्रदीप कुमार ने बताया कि पूरी सतर्कता बरती जा रही है। नदी खतरे के निशान से काफी नीचे है, स्थिति पर नजर रखी जा रही है।