संवाद न्यूज एजेंसी
महदेइया बाजार (बलरामपुर)। नन्हे हाथ, पैरों के नीचे बिछी पुरानी चटाई और कानों में गूंजता कई कक्षाओं का शोर...। यही है अब पटियाला ग्रिंट के बच्चों का नया क्लासरूम। उच्च प्राथमिक विद्यालय का प्राथमिक विद्यालय में विलय बच्चों के लिए पढ़ाई का बेहतर मौका देने के बजाए परेशानी का सबब बन गया है।
शिक्षा क्षेत्र श्रीदत्तगंज के पटियाला ग्रिंट गांव में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में 21 छात्र-छात्राएं पढ़ते थे। इसे हाल ही में प्राथमिक विद्यालय पटियाला ग्रिंट में विलय कर दिया गया। प्राथमिक विद्यालय में पहले से 60 बच्चे पढ़ रहे थे। विलय के बाद कुल छात्र संख्या 93 हो गई है, लेकिन कक्षाओं और संसाधनों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
विद्यालय में कुल पांच कमरे हैं, जिनमें से दो मरम्मत योग्य घोषित हैं। बचे तीन कमरों में ही कक्षा एक से लेकर आठ तक के बच्चों की पढ़ाई किसी तरह चलाई जा रही है। एक कमरे में कक्षा एक-दो, दूसरे में तीन-चार और तीसरे में पांच से आठ तक के छात्र-छात्राएं एक साथ बैठते हैं। डेस्क-बेंच की कमी के कारण अधिकतर बच्चे जमीन पर चटाई बिछाकर पढ़ते हैं।
ग्रामीणों ने विभाग से मरम्मत योग्य दो कमरों की तत्काल मरम्मत, अतिरिक्त कक्ष निर्माण, डेस्क-बेंच की व्यवस्था, साफ पानी और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।