बलरामपुर। इण्टर स्टेट कनेक्टिविटी योजना के तहत जिले से सटी नेपाली सीमा जरवा-कोयलाबास पर प्रवेश द्वार व दूधिया प्रकाश की व्यवस्था शीघ्र की जाएगी। इसके लिए शासन ने एक करोड़ 61 लाख 76 हजार रुपये का बजट मंजूरी के लिए भेजा गया है। इससे न केवल सीमा की सुन्दरता बढ़ेगी बल्कि देश में प्रवेश करने वाले अराजकतत्वों पर नजर रखने में भी मदद मिलेगी।
विदित हो कि जिले की जरवा नेपाल सीमा करीब तीन दशक पहले काफी गुलजार थी। नेपाल राष्ट्र के नगर कोयलाबास से लोग मसालों व अन्य वस्तुओं का व्यापक स्तर पर व्यापार करते थे। अचानक हुए भूस्खलन तथा माओवादी संगठन की सक्रियता के चलते कोयलाबास नगर तहस नहस हो गया। यहां के व्यापारी अन्य जगहों पर विस्थापित हो गए।
इस स्थान पर प्राकृतिक सौन्दर्य काफी रमणीक है। स्थानीय तथा आसपास के जनपदों से प्रतिदिन सैकड़ों लोग यहां घूमने आते हैं। एसएसबी 9वीं वाहिनी की सीमा चौकी भी यहां स्थापित है। धीरे-धीरे यह नगर फिर से गुलजार होने लगा है। इन्हीं सब कारणों से प्रदेश सरकार ने इस सीमा को हाईटेक बनाने का निर्णय लिया है।
गैसड़ी भाजपा विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू ने शासन को पत्र लिखकर जरवा सीमा पर गेट बनाए जाने तथा प्रकाश की व्यवस्था किए जाने की मांग की थी। इसी क्रम में लोक निर्माण विभाग तुलसीपुर से जरवा तक सड़क का चौड़ीकरण कार्य करा रहा है।
इसी विभाग के मुख्य अभियंता देवीपाटन मंडल शशिभूषण ने सीमा पर प्रवेश द्वार व प्रकाश की व्यवस्था किए जाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा है। शासन से इस कार्य के लिए एक करोड़ 61 लाख 76 हजार रुपये का बजट की मांग की गई है। विधायक ने बताया कि बजट मिलते ही प्रवेश द्वार व प्रकाश व्यवस्था किए जाने का काम शुरू हो जाएगा।