बलरामपुर। साइबर ठग बैंक खातों में सेंधमारी करने के साथ भोले-भाले लोगों को कमीशन का लालच देकर अपराध में भी धकेल रहे हैं। कमीशन की लालच में लोग अपने बैंक खातों में ठगी की रकम मंगा लेते हैं। पुलिस की जांच में अपने बैंक खातों में ठगी की रकम मंगा लेते हैं। पुलिस की जांच में खाताधारक के बारे में जानकारी मिलती है। इसके बाद उसे जेल की हवा खानी पड़ती है। ऐसे में सतर्कता बरतने की जरूरत है।
साइबर ठगी की रकम छिपाने के लिए जालसाज धोखे से या लालच देकर लोगों के नाम पर खाते खुलवाते हैं। साइबर अपराधी लोगों से उनके फर्जी बैंक खाते किराये पर भी लेते हैं। इसके लिए कुल रकम का 10 प्रतिशत दिया जाता है। इन खातों का इस्तेमाल धोखाधड़ी और मनी लॉड्रिंग जैसी गतिविधियों के लिए भी किया जाता है। यह तरीका ठगों को सीधे पकड़े जाने से बचाता है, क्योंकि इन खातों के मालिक नहीं होते हैं।
अगर आपके साथ ठगी की कोई घटना हुई है तो आप हमें अपनी कहानी बता सकते हैं। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। आप हमें 9368724182 पर संपर्क कर सकते हैं।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
-बैंक या किसी भी सरकारी एजेंसी से संबंधित जानकारी के लिए हमेशा उनकी आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से संपर्क करें।
-साइबर धोखाधड़ी के लिए विभिन्न तरीकों के बारे में स्वयं को और प्रियजनों को शिक्षित करें।
-अगर आपको कोई संदिग्ध कॉल या मेसेज आता है तो घबराएं नहीं। शांत रहें और स्थिति का विश्लेषण करें।
-अगर कोई व्यक्ति खुद को पुलिस या कोई बड़ा अधिकारी बताता है तो उसे एजेंसी के आधिकारिक नंबर पर कॉल करके या कार्यालय जाकर पुष्टि करें।
-अगर कोई भी व्यक्ति आपसे किसी भी कारण से पैसे की मांग करता है तो मना कर दें।
-आपके या किसी परिचित के साथ ऐसी धोखाधड़ी होती है तो तुरंत साइबर सेल से संपर्क करें।