बलरामपुर। राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता बंसल एक दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान बुधवार को कई कार्यक्रमों में शामिल हुई। संयुक्त जिला अस्पताल के निरीक्षण में ओपीडी से गायब मिले डॉक्टरों पर राज्य महिला आयोग की सदस्य ने कड़ी नाराजगी जताई। सीएमओ डॉ. सुशील कुमार को मामले की जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उतरौला तहसील सभागार में पोषण पंचायत कार्यक्रम का शुभारंभ किया और कलेक्ट्रेट में बैठक कर पीड़िताओं के दर्द को साझा किया।
संयुक्त जिला अस्पताल में उपस्थित पंजिका व शिकायत पंजिका की राज्य महिला आयोग ने जांच की। शिकायत पंजिका में बाहर से दवा व जांच लिखे जाने, अवैध वसूली आदि पर कड़ी नाराजगी जताई।
मुख्य अधीक्षक को सभी कमियों को दूर कराते हुए मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा दिलाने का निर्देश दिया। इसके बाद उतरौला तहसील सभागार में फीता काटकर व दीप प्रज्ज्वलित करके पोषण पंचायत कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
पोषण शपथ दिलाते हुए गर्भवती महिलाओं की गोद भराई व छह माह के बच्चों का अन्न प्रासन्न और कुपोषण से मुक्त हुए बच्चों को पुष्टाहार प्रदान किया। कुपोषित बच्चों व महिलाओं को पुष्टाहार विभाग की तरफ से चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
महिलाओं व बच्चों में कुपोषण एक गंभीर समस्या है जिसके सुधार के लिए बाल विकास पुष्टाहार, स्वास्थ्य व अन्य विभागों की तरफ से कार्यक्रम चलाए जा रहे है। लड़कियां किसी भी क्षेत्र में लड़कों से पीछे नहीं है। जरूरत इस बात की है कि बिना भेदभाव के लड़कियों को समान अवसर मिले।
प्रदेश सरकार बेटियों व महिलाओं के उत्थान की दिशा में कार्य कर रही है। महिलाओं के स्वावलंबन, सशक्तिकरण व सुरक्षा के कार्यक्रम चलाए जा रहे है। मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला कल्याण व पुलिस विभाग ग्रामीण महिलाओं को जागरूक कर रहा है।
हर थाने में महिला हेल्प डेस्क है जहां अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। 1090, 181, 108, 1076, 112, 1098 व 102 की सेवाएं भी महिलाओं के लिए कारगर है। उतरौला एसडीएम डॉ. नागेंद्र नाथ यादव, डीपीओ राजेंद्र कुमार, सीडीपीओ सत्येंद्र सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चंद्र आदि मौजूद रहे।
इसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में राज्य महिला आयोग की सदस्य ने महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों की जन सुनवाई की। महिलाओं के साथ मारपीट, घरेलू हिंसा व दहेज के मामलों में तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया।