बलरामपुर। कोई भी कार्यक्रम जन सहभागिता के बिना सफल नहीं हो सकता है। कार्यक्रमों में जन भागीदारी बढ़ाने में मीडिया का अहम रोल होता है। स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रमों एवं स्वास्थ्य सेवाओं के प्रचार प्रसार में मीडिया सहयोग करे। मीडिया का सकारात्मक सहयोग मिला तो जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ सरकार की योजनाओं के लक्ष्य को हासिल करने में सफलता अवश्य मिलेगी।
यह बातें गुरुवार को नगर के पर्यटक आवास गृह में सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्स संस्था द्वारा आयोजित स्वास्थ्य संचार सुदृढ़ीकरण मीडिया कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डा. घनश्याम सिंह ने कही। कार्यशाला को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक डा. शिवेन्द्र मणि ने शिशु मृत्युदर, मातृ मृत्यु दर तथा प्रजनन दर में कमी के लिए विभाग द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में प्रकाश डाला।
उन्होंने ग्राम स्तर पर आशा व एएनएम की भूमिका पर भी चर्चा की। एनएएचएम के प्रभारी डा. एके सिंघल ने शहरी इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं पर प्रकाश डालते हुए संचारी रोग के लक्षण एवं बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। एसीएमओ डा. अरूण कुमार ने टीकाकरण एवं शहरी स्वास्थ्य मिशन पर प्रकाश डाला। क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के बारे में डा. संजीवन लाल ने बताया कि टीबी की दवाएं व जांच की सुविधा जिले के अस्पतालों में उपलब्ध है। मरीज जांच कराकर नियमित रूप से इलाज करें तो इस बीमारी से बचा जा सकता है।
आयुष्मान भारत योजना पर प्रकाश डालते हुए डा. आलोक चौधरी ने योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए पात्रों को प्रेरित किया। कार्यशाला को राष्ट्रीय मानसिक कार्यक्रम के प्रभारी डा. एके पटेल, जन आरोग्य योजना के डा. अरविन्द कुमार चौधरी एवं प्रधानमंत्री वंदना योजना के पुनीत त्रिपाठी आदि ने भी संबोधित किया। कार्यशाला का संचालन जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने किया।