बलरामपुर। रहे सुरक्षित जच्चा-बच्चा, यही वचन है सबसे सच्चा का संकल्प देवीपाटन मंडल में फेल साबित हो रहा है। बीते दो माह में मंडल के चारों जिलों में 43390 बच्चों ने जन्म लिया। इसमें से 4794 बच्चों ने अस्पताल के बजाय घर पर ही आंखें खोली। हैरानी की बात तो यह है कि 3814 डिलीवरी ऐसी महिलाओं ने कराई, जो प्रशिक्षित तक नहीं थी। यह स्थिति तब है जब मंडल के चारों जिलों में करीब दस हजार आशा कार्यकर्ता गर्भवती के सेहत की निगरानी को लेकर तैनात है।
मंडल में सबसे ज्यादा 3261 होम डिलीवरी बलरामपुर जिले में हुई है। इसमें से सिर्फ 520 प्रसव ही प्रशिक्षित हाथों से हुआ है। 2741 प्रसव ऐसे लोगों ने कराया, जो प्रसव को लेकर प्रशिक्षित तक नहीं है। गोंडा में 209, श्रावस्ती में 98, बहराइच में 153 होम डिलीवरी ही प्रशिक्षित ने कराया। इसके अलावा घर पर हुए प्रसव में गोंडा में 548, बहराइच में 378 व श्रावस्ती में 147 प्रशिक्षित हाथों से हुआ है। यही नहीं, अस्पतालों में हुए प्रसव की बात करें तो मंडल में कुल 38596 प्रसव संस्थागत हुए। इसमें से महज 21 हजार 945 प्रसव ही सरकारी अस्पतालों में हुए। शेष 16651 प्रसव निजी अस्पतालों में हुए हैं। इसमें सबसे ज्यादा दस हजार 16 प्रसव गोंडा के निजी अस्पतालों में हुए हैं।
मातृ सुरक्षा को लेकर संचालित योजनाएं
- जननी सुरक्षा योजना- योजना के तहत सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने वाली गर्भवती को 1400 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
- जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम- योजना के तहत सरकारी अस्पताल में गर्भवती को जांच से लेकर दवा तक की निशुल्क व्यवस्था है। साथ ही खाने का भी प्रबंध किया जाएगा।
- प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान- माह में चार बार अभियान के तहत शिविर का आयोजन स्वास्थ्य इकाईयों पर किया जाता है। वहां पर गर्भवती के सेहत की जांच के साथ ही टीकाकरण किया जाता है।
क्या है कारण
- प्रसव इकाईयों की संख्या कम है। प्रसव कराने में प्रशिक्षित कर्मियों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है।
- अशिक्षा व अज्ञानता भी इसकी काफी हद तक जिम्मेदार है।
- संसाधनों का अभाव भी संस्थागत प्रसव की राह में किसी रोड़े से कम नहीं है।
चारों जिलों के सीएमओ को कहा गया है कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किये जाएं। प्रसव इकाईयों को बढ़ाया जाय। कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाय। सीएमओ को स्वयं इसकी मानीटरिंग करने को कहा गया है।
- डॉ. जयंत कुमार, अपर निदेशक देवीपाटन मंडल स्वास्थ्य
यह है मई-2024 तक की स्थिति
अस्पताल प्रसव
गोंडा 15738
बलरामपुर 7086
बहराइच 11263
श्रावस्ती 4509
घर पर प्रसव
गोंडा-757
बलरामपुर-3261
बहराइच-531
श्रावस्ती-245