बलरामपुर के कटिया चौराहा से कटिया गांव जाने वाली जर्जर सड़क।-संवाद
बलरामपुर। तराई क्षेत्र की सड़कों की हालत बद से बदतर हैं। सड़कें टूटी हैं, अप्रोच धंस गए हैं और विभाग जुगाड़ से काम चला रहा है। मुख्यमंत्री ने भले ही अभियान चलाकर सड़कों को गड्ढामुक्त करने का निर्देश दिया हो लेकिन अभी तक इसका जिले में कोई असर नहीं दिख रहा है। राहगीर जर्जर सड़कों के चलते आए दिन हादसे का शिकार हो रहे हैं। हालांकि लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता कुमार शैलेंद्र का कहना है कि जर्जर सड़कों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है।
धंसा हाईवे, तो कर दी बैरीकेडिंग
गैसड़ी। क्षेत्र के बरूनी नाले के के पास नेशनल हाईवे धंस गया है। आने जाने वाले लोग कभी भी दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। राहगीर नौशाद आलम, महबूब, दिलीप, राजेश व विनय कुमार यादव आदि ने बताया कि सड़क बनवाने के लिए विभागीय अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मामले की जानकारी होने पर गैसड़ी कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल सुरक्षा की दृष्टिगत बैरीकेडिंग कर दी गई है।
बह गई सड़कें, बच गई गिट्टी
महराजगंज तराई। क्षेत्र के उदईपुर गांव से छतुआपुर जाने वाली सड़क तथा कोटिया चौराहे से कोटिया गांव जाने वाली सड़क की हालत कुछ अलग ही है। एक साल पहले आई बाढ़ में सड़क का तारकोल बह गया और सिफ गिट्टी रह गई। ऐसे में सड़क पर गिट्टी ही गिट्टी दिखाई दे रही है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सड़क निर्माण में जमकर धांधली की गई थी।