बलरामपुर। पंजाब नेशनल बैंक की नहरबालागंज शाखा के 12.03 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपी बैंक अफसर को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मोहल्ला टेढ़ी बाजार खलवा निवासी विनय शर्मा को चिनहट लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है।आरोपी शाखा में लोन अप्रूवर लेवल एस-1 के पद पर कार्यरत था। मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत तीन आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। घोटाले की रकम रिकवरी के लिए आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी है।
चीफ मैनेजर पंजाब नेशनल बैंक सर्किल ऑफिस जनपद अयोध्या पुनीत मुर्तिजा ने 15 अगस्त 2025 को नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि पंजाब नेशनल बैंक नहरबालागंज में शाखा प्रबंध महेश त्रिपाठी और आठ सहायक बैंक कर्मियों व अन्य सहयोगियों ने मिलकर बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के फर्जी व कूटरचित दस्तावेज तैयार कर ऋण खाता खोला। ऋण खाते खोलकर बैंक शाखा से 12.03 करोड़ रुपये का गबन किया, जो विभागीय जांच में दोषी पाए गए हैं। कोतवाली नगर में पुलिस ने पीएनबी नहरबालागंज के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक महेश त्रिपाठी, अधिकारी विनय कुमार शर्मा, अधिकारी संतोष गुप्ता, कैश बीओ यशवंत कुमार, पीएसपी कंसट्रक्शंस पूनम सिंह, वैभव सिंह व समरजीत सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
एसपी विकास कुमार ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एएसपी विशाल पांडेय व सीओ सिटी ज्योतिश्री के निर्देशन में टीम गठित की। प्रभारी निरीक्षक नगर मनोज कुमार सिंह ने बताया कि टीम ने मोहल्ला टेढ़ी बाजार खलवा निवासी विनय शर्मा को चिनहट लखनऊ से बुधवार को गिरफ्तार कर लिया।
विनय शर्मा पर पहले से दर्ज हैं 14 मामले
एसपी विकास कुमार ने बताया कि पीएनबी सर्किल ऑफिस अयोध्या की तरफ से प्रथम बार 31 नॉन बॉरोवल ओडी खातों के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें विनय शर्मा वांछित हैं। विनय शर्मा के खिलाफ अब तक बैंक घोटाले में 14 मामले पहले से दर्ज हैं।
ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा
एसपी ने बताया कि विनय शर्मा से पूछताछ की गई। आरोपी ने बताया कि तत्कालीन बैंक शाखा प्रबंधक नहरबालागंज महेश त्रिपाठी घोटाले के मास्टर माइंड थे। सह आरोपी समरजीत सिंह से मिलीभगत कर अलग-अलग समय पर फर्जी ऋण खाता बनाया गया। फर्जी ऋण में करीब 46 ग्राहकों के आठ करोड़ नौ लाख 87 हजार रुपये एवं 40 मुद्रा ऋण खातों में तीन करोड़ 93 लाख 50 हजार रुपये का गबन किया गया। विनय शर्मा लोन अप्रूवर लेवल एस-1 के पद पर कार्यरत थे, जो लेंस सॉफ्टवेयर पर फर्जी एलआईसी पॉलिसी नंबर की एंट्री करके लोन अप्रूवल के पहले चरण का कार्य करते थे। इसके बाद बैंक मैनेजर महेश त्रिपाठी फाइनल अप्रूवल करके ऋण का पैसा अनाधिकृत रूप से कैश या अकांउट ट्रांसफर के माध्यम से पीएसपी कंस्ट्रक्शन के मालिक समरजीत सिंह व उसके सहयोगियों को भेजते थे।
तीन की पहले ही हो चुकी है गिरफ्तारी
एसपी ने बताया कि इसमें अब तक तीन की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसमें लखनऊ निवासी पंजाब नेशनल बैंक शाखा नहर बालागंज के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक महेश त्रिपाठी, गोंडा निवासी पीएसपी कंस्ट्रक्शन के मालिक समरजीत सिंह व गोंडा निवासी संतोष कुमार सिंह शामिल हैं।