बलरामपुर। सादुल्लाहनगर व उतरौला से सपा के पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) का शिकंजा कस गया है। मंगलवार को हुई ईडी की कार्रवाई से पहले ही प्रशासन पूर्व विधायक की 115 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर चुका है। पूर्व विधायक पर कई मुकदमे पहले से चल रहे हैं।
अहिरौली निवासी पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी जिले के माफिया की सूची में शामिल है। सादुल्लाहनगर थाने में उसकी हिस्ट्रीशीट भी है। वर्ष 2018 में उतरौला तहसील के तत्कालीन एसडीएम जेबी सिंह ने रेहरा थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी और हेराफेरी कर सरकारी जमीन पर कब्जा करने के आरोप में एक मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी को पांच सितंबर 2020 को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरिफ अनवर हाशमी के खिलाफ 14 अक्तूबर 2019 को गोंडा की खोड़ारे थाने में भी सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी कर जमीन कब्जाने का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके अलावा रेहरा व सादुल्लाहनगर थाने में कूटरचित दस्तावेजों के सहारे हेराफेरी कर सरकारी और निजी जमीनों पर कब्जा करने के छह से अधिक मामले दर्ज हैं। तत्कालीन एसपी देवरंजन वर्मा ने आरिफ अनवर हाशमी व उसके भाइयों की हिस्ट्रीशीट खोली थी। इसके बाद कई मामलों में प्रशासन ने अलग से कार्रवाई करके 115 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर ली थी।
एसओ सादुल्लाहनगर मनोज कुमार ने बताया कि थाने की जमीन कब्जा करने के मामले में पूर्व विधायक पर दर्ज केस में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की जा चुकी है। इससे पहले जनवरी में दर्ज कराए गए मुकदमे भी पुलिस चार्जशीट लगाने की बात कह रही है।
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पुलिस ने ईडी जांच के लिए भेजी थी रिपोर्ट
तत्कालीन एसपी केशव कुमार ने पूर्व विधायक की संपत्तियों की जांच ईडी से कराने के लिए रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद ईडी ने आरिफ, उसके परिजनों और करीबियों के खिलाफ जुलाई में प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिग एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। आठ अगस्त को आरिफ की पत्नी और परिजनों से पूछताछ के बाद पूर्व विधायक को लखनऊ तलब किया गया था। यही नहीं, ईडी की टीम ने उतरौला आकर रजिस्ट्री दफ्तर से अभिलेख भी खंगाले थे।