बलरामपुर। संभावित बाढ़ को देखते हुए जिले में तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बाढ़ कमेटी की बैठक हुई। बैठक में जनप्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में बाढ़ से बचाव की तैयारियों की विभागवार समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कहाकि राप्ती नदी पर चल रहे कटानरोधी परियोजनाओं का कार्य हर हाल में 20 मई तक पूरा कर लिया जाए। अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड ने बताया कि वर्तमान में छह परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि बाढ़ और कटान की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों का चिह्नांकन समय से कर लिया जाए। तहसील स्तर पर बैठकें कर राजस्व, बाढ़ खंड और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए गए। बाढ़ चौकियों को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर स्थापित करने, राहत सामग्री की आपूर्ति के लिए समय से टेंडर प्रक्रिया पूरी करने और पीड़ितों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड भगत राम ने बताया कि वर्तमान में छह परियोजनाओं पर कार्य कराया जा रहा है। जिला पंचायतराज अधिकारी को नालों का सत्यापन कर सफाईकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया। सीडीओ हिमांशु गुप्ता ने लोक निर्माण विभाग को सड़कों और डिप्स की मरम्मत समय से कराने के निर्देश दिए, ताकि बाढ़ के दौरान आवागमन बाधित न हो। जिला पूर्ति अधिकारी को राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। श्रावस्ती सांसद प्रतिनिधि डॉ. सुनील चौधरी ने हेंगहा नाला, लालपुर विशुनपुर, मदारगढ़, खरझार, रामगढ़ मैटहवा, विजयीडीह, रमगढ़िया व लोहेपनिया समेत कई क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका जताते हुए आवश्यक कार्य कराने की मांग की। साथ ही सरयू नहर में एप्रोच मार्ग बनवाने और गैसड़ी क्षेत्र के मदरवा व भोजपुर में कार्य कराने पर जोर दिया। बैठक में विधायक कैलाशनाथ शुक्ल, विधायक राकेश यादव, अपर जिलाधिकारी ज्योति राय, अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय, आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह आदि मौजूद रहे।