बलरामपुर। जीएसटी की दर बढ़ाने को लकर ईंट-भट्ठा कारोबारियों में भारी आक्रोश है। ईंट-भट्ठा कारोबारियों ने जिला मुख्यालय के निजी होटल में एक दिवसीय सम्मेलन कर आंदोलन की रणनीति तैयार कर ली है।
जीएसटी की बढ़ी दर वापस न लिए जाने पर ईंट-भट्ठा कारोबारियों ने आरपार के लड़ाई की चेतावनी दी है। कोरोना महामारी के चलत डेढ़ साल से ईंट-भट्ठे का कारोबार चौपट हो चुका है। ईंट-भट्ठों के संचालन में सरकार से कारोबारियों ने मदद करने की मांग की है।
ईंट निर्माता समिति के संरक्षक हाजी मोहम्मद हसन व राम जियावन वर्मा की अध्यक्षता में ईंट-भट्ठा कोरोबारियों का एक दिवसीय सम्मेलन किया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए अध्यक्ष मोहम्मद मारुफ खां ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते डेढ़ साल में ईंट-भट्टा कारोबारियों की कमर टूट चुकी है। ईंट-भट्ठे का कारोबार पूरी तरह से चौपट हो चुका है।
सम्मेलन का संचालन करते हुए समिति के महामंत्री सुभाष चंद्र मिश्र व कोषाध्यक्ष राधाकृष्ण ने कहा कि मानव जीवन की तीन मूलभूत आवश्यकता रोटी, कपड़ा और मकान है। तीनों की पूर्ति में ईंट का प्रमुख स्थान है। सरकार को जनहित से कोई सरोकार नहीं है।
जिले में करीब एक हजार ईंट-भट्ठे संचालित हो रहे जहां करीब डेढ़ लाख श्रमिक रोजगार से जुड़े हैं। लखनऊ में 17 सितंबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक में ईंटो पर बिना आईटीसी एक के स्थान पर छह प्रतिशत और आईटीसी लेने पर पांच के स्थान पर 12 प्रतिशत कर दिया गया है जो अप्रैल 2022 से लागू किया जाएगा।
जीएसटी दर बढ़ने से महंगाई बढ़ेगी और गरीबों को घर बनवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। सम्मेलन को उपाध्यक्ष जिकारूल्लाह, शिवाकांत वर्मा, विजय कुमार यादव, मोहम्मद हारुन, सहमंत्री खलील अहमद, संगठन मंत्री अशाफ अहमद उर्फ वज्जन भाई व शिवशंकर वर्मा आदि ने संबोधित कर सरकार से जीएसटी की बढ़ी दर तत्काल वापस लिए जाने की मांग की।