फोटो-15-बलरामपुर के तुलसीपुर में संचालित मदरसा दारुल उलूम अतीकिया ।-संवाद
बलरामपुर। तुलसीपुर स्थित राज्य अनुदानित मदरसा दारुल उलूम अतीकिया में वेतन निर्धारण, वार्षिक वेतन वृद्धि और बोनस वितरण में अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं। सिद्धार्थनगर निवासी अब्दुर्रहीम ने जिलाधिकारी और अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग की अपर मुख्य सचिव को शिकायती पत्र भेजकर जांच की मांग की है। उन्होंने सेवा पुस्तिकाओं, वेतन निर्धारण आदेशों और कोषागार अभिलेखों का मिलान कराने की मांग की है।
शिकायत के अनुसार मदरसे में 15 पद हैं। शिक्षकों की नियुक्तियां जनवरी 2015 तथा जनवरी-फरवरी 2016 में दो चरणों में हुई थीं। आरोप है कि करीब एक वर्ष के सेवा अंतर के बावजूद आलिया और फौकानिया संवर्ग के चार-चार शिक्षकों का मूल वेतन कोषागार और विभागीय अभिलेखों में समान दर्ज है। शिकायतकर्ता ने इसे वेतन निर्धारण में अनियमितता बताते हुए पुराने अभिलेखों की जांच की मांग की है।
इसके अलावा वर्ष 2022 में कर्मचारियों को एक ही वित्तीय वर्ष में दो बार दीपावली बोनस दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। मदरसा जामिया अनवारूल उलूम के लिपिक अजीज अहमद अंसारी पर बिना अनुमति दारुल उलूम अतीकिया के वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों में हस्तक्षेप करने का आरोप भी लगाया गया है।
मदरसे के प्रधानाचार्य मुजफ्फर हुसैन ने बताया कि ट्रेजरी की गलती से बोनस दो बार मिल गया था, जिसका सुधार कर लिया गया है। शिक्षकों के वेतन निर्धारण में भी सुधार की प्रक्रिया चल रही है।