उतरौला। मानसून से पहले नगर में जलभराव रोकने के लिए प्रशासन ने नाला सफाई कार्य की निगरानी कड़ी कर दी है। नगर पालिका परिषद की ओर से कराए जा रहे नाला सफाई कार्य का अब तहसील स्तर के अधिकारी मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन करेंगे।
उपजिलाधिकारी मनोज कुमार सरोज ने नगर के 15 बड़े, मझोले और छोटे नालों की जांच के लिए तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई है। अधिकारियों को आठ से 16 जुलाई के बीच निर्धारित स्थलों का निरीक्षण कर सफाई कार्य का सत्यापन करना होगा। निरीक्षण के दौरान स्थल की फोटो लेकर विस्तृत रिपोर्ट एसडीएम कार्यालय में जमा करनी होगी।
प्रशासन का उद्देश्य टेंडर के माध्यम से कराए जा रहे नाला सफाई कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि यदि निरीक्षण में सफाई कार्य अधूरा, मानकविहीन या केवल कागजों तक सीमित मिला तो संबंधित ठेकेदार के साथ निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नायब तहसीलदार ने किया औचक निरीक्षण
नगर में चल रहे नाला सफाई अभियान की जमीनी हकीकत परखने के लिए बुधवार को रेहरा के नायब तहसीलदार अजीत प्रताप सिंह ने उतरौला नगर के विभिन्न वार्डों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने नालों की तलीझार सफाई का जायजा लिया तथा मौके पर मौजूद सफाई कर्मियों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद उन्होंने अपनी विस्तृत रिपोर्ट उपजिलाधिकारी मनोज कुमार सरोज को सौंप दी।