हरैया सतघरवा। ग्राम पंचायत सिकंदरबोझी के मजरा सोनडीह में पहाड़ी नाले का लगातार बढ़ता कटाव पिछले छह वर्षों से ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है। हर बरसात के साथ गांव पर खतरा और गहरा जाता है। अब तक 10 से अधिक घर नाले में समा चुके हैं, जबकि कई अन्य मकान कटाव की जद में हैं। ऐसे में ग्रामीण हर बारिश की रात भय के साये में बिताने को मजबूर हैं।
ग्राम प्रधान राधेश्याम ने बताया कि गांव में करीब 50 से 60 परिवार रहते हैं। लगातार हो रहे कटाव के कारण कई परिवारों के घर और जमीन नाले में बह चुके हैं। कुछ परिवारों को मजबूरन नाले के दूसरी ओर जाकर बसना पड़ा है। उन्होंने बताया कि कटाव रोकने के लिए कई बार शासन-प्रशासन से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका।
कटाव के चलते गांव को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी पूरी तरह टूट चुका है। इससे सोनडीह का संपर्क मुख्य मार्ग से लगभग कट गया है। स्थिति यह है कि न तो स्कूली वाहन बच्चों तक पहुंच पा रहे हैं और न ही आपात स्थिति में एंबुलेंस गांव तक पहुंच सकती है। इससे ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जांच हुई, लेकिन कार्रवाई अब भी अधूरी
ग्रामीण सत्यम सिंह, रामजी, सत्यराम, विश्राम, बुझावन सिंह, उजागर सिंह और जवाहरलाल ने बताया कि पिछले वर्ष मुख्यमंत्री पोर्टल, जिलाधिकारी और जनप्रतिनिधियों को प्रार्थना पत्र देकर कटाव रोकने की मांग की गई थी। शिकायत के बाद अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण भी किया, लेकिन मामला जांच तक ही सीमित रह गया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नाले के कटाव को रोकने के लिए सुरक्षा कार्य नहीं कराया गया, तो इस वर्ष बाढ़ के दौरान कई और परिवार बेघर हो सकते हैं। गांववासियों ने प्रशासन से जल्द स्थायी सुरक्षा व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि हर वर्ष का यह भय समाप्त हो सके।
फोटो-30,31-बलरामपुर के ग्राम पंचायत सिकंदरबोझी के मजरा सोनडीह के पास हो रही कटान।-संवाद