बलरामपुर। अमर उजाला मेंं तीन मई को प्रकाशित खबर 'बिना मान्यता के चलते मिले 20 स्कूल' का बड़ा असर हुआ है। डीएम अरविंद सिंह ने जनपद में फीस के नाम पर अवैध वसूली, एक दुकान से अभिभावकों से कापी-किताब खरीदने का दबाव बनाने वाले संबंधित स्कूल संचालक को दलाल घोषित करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जिले में संचालित सीबीएसई, आईसीएससी व माध्यमिक स्कूलों के संचालकों के खिलाफ लगातार अवैध वसूली की शिकायत मिल रही थी। दूसरे स्कूलों में पंजीकरण कराकर छात्रों के अभिभावकों से स्कूल संचालक अवैध वसूली करते हैं। इसके चलते बोर्ड परीक्षा के दौरान जिले के करीब तीन हजार छात्रों को 50 से 60 किलोमीटर दूर दूसरे जिले में जाकर परीक्षा देनी पड़ी थी। अमर उजाला ने विद्यार्थियों की इन समस्याओं को प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिले में संचालित बिना मान्यता के स्कूलों के खिलाफ खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम ने संज्ञान लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है। डीएम ने बताया कि शिक्षा माफियाओं से गठजोड़ करने वाले शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दलाल घोषित करते हुए जिला बदर की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा मानकों की अनदेखी करने वाले स्कूल संचालकों को समन व वारंट जारी किया जाएगा।
यहां के कई स्कूलों में चल रहा गोरखधंधा
जरवा क्षेत्र में आधा दर्जन स्कूलों की कई बार शिकायतें हो चुकीं हैं। हालांकि जांच में अधिकारी हर बार क्लीन चिट दे देते हैं। कक्षा पांच या आठ तक की मान्यता होने के बाद 12वीं तक की पढ़ाई कराई जा रही है। प्रवेश श्रावस्ती जनपद के स्कूल के नाम पर लिया जाता है और अभिभावकों से रुपये वसूले जाते हैं। अब डीएम के रुख से यहां के लोगों में खलबली मची है।