बलरामपुर/गौरा चौराहा। खेतों में पानी भरने के कारण 545 बीघे फसल बर्बाद हो गई है। राप्ती मुख्य नहर से पानी छोड़ा गया था, जो सीरिया और धोबहा नाले के जरिए खेतों तक पहुंचा। राप्ती मुख्य नहर का पानी 18 से अधिक गांवों के खेतों में भर चुका है। जिससे गेहूं, मटर, चना, मसूर, अरहर और सरसों की अधपकी फसलें खराब हो गई हैं। खेतों में पानी भर जाने से गन्ना काटने में भी किसानों को परेशानी हो रही है।
किसान अमरेंद्र पासवान, रामविलास, जानकी, मानबहादुर पांडेय, राकेश कुमार, गौरव श्रीवास्तव, रमेश, इरशाद और राजेश वर्मा ने बताया कि रविवार को जब वे खेतों में गए, तो देखा कि अधपकी फसलों में पानी भर चुका था। रात के समय राप्ती मुख्य नहर से छोड़ा गया पानी पहाड़ी नाला सीरिया और धोबहा के रास्ते होते हुए गौरा चौराहा के पास बसे गांव खजुरिया, दतरंगवा, हरहटा, सिंघवापुर, भुसैलवा, गौरा, परसा, त्रिकोलिया और चौखड़ा सहित 18 से अधिक गांवों के खेतों में भर गया। इसके परिणामस्वरूप किसानों की गेहूं, मटर, चना, मसूर, अरहर और सरसों की फसलें बर्बाद हो गई हैं।
किसानों का कहना है कि यह क्षेत्र पहले ही बाढ़ग्रस्त है और यहां की खेती की जमीन गहरी है। बाढ़ के कारण खरीफ की फसल बिल्कुल नहीं होती है, और यहां के किसान रबी की फसल पर निर्भर रहते हैं। बाढ़ का पानी खेतों से हटने के बाद गेहूं, मटर, चना, मसूर और सरसों आदि की खेती की जाती है। अब नहर का पानी अचानक खेतों में भर जाने से रबी की फसल भी बर्बाद हो गई है।
डूब गई गेहूं और सरसों में लगी लागत
सिंघवापुर निवासी महिला किसान रामवती ने बताया कि कुछ साल पहले उनके पति की मृत्यु हो गई थी, और उनके दो बेटे मुंबई में मजदूरी करते हैं। वे अकेले खेती करती हैं। उन्होंने सरसों की फसल काट रखी थी, जिसे एक-दो दिन में मड़ाई करके निकाल लिया जाता, लेकिन रात में अचानक आए पानी ने कटे हुए सरसों को भिगो दिया है। पानी में जाकर सरसों को निकालने में बहुत परेशानी हो रही है। किसान अनूप तिवारी ने बताया कि उन्होंने दो एकड़ गेहूं बोया है, जो अब तक अधपका था। रात से ही पानी भरना शुरू हो गया है, और अत्यधिक पानी से गेहूं सड़ जाएगा, जिससे गेहूं की बोआई में लगी पूंजी डूब जाएगी।
सरयू नहर के एक्सईएन को दी गई जानकारी
गौरा चौराहा के आसपास कई गांवों में राप्ती मुख्य नहर का पानी खेतों में भरने की जानकारी मिलने पर, सरयू नहर खंड-4 के एक्सईएन परवेज को तुरंत सूचित किया गया। सरयू नहर खंड के इंजीनियर इस समस्या का समाधान कराने में जुट गए हैं। इसके साथ ही, राजस्व निरीक्षक और लेखपालों को फसलों के नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संजय कुमार यादव, सदर एसडीएम