बलरामपुर के पीएचसी महदेइया में मरीजों की जांच करते चिकित्सक।
बलरामपुर। जिले के नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व 24 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आयुष्मान भव: मेले का आयोजन किया गया। जिसमें 4,638 मरीजों की जांच कर उपचार किया गया। इस दौरान आयुष्मान योजना के 969 लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड भी बनाया गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैसड़ी में आयुष्मान भव: मेला और गोष्ठी का शुभारंभ अधीक्षक अरविंद कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि अब पात्र गृहस्थी के कार्ड धारकों को भी आयुष्मान योजना का लाभ देने का निर्णय लिया गया है। पात्र गृहस्थी वाले परिवार के छह से अधिक सदस्यों के नाम आयुष्मान योजना का गोल्डन कार्ड बनाया जा रहा है। आयुष्मान एप डाउनलोड कर पात्र गृहस्थी के सदस्य स्वयं भी कार्ड बनवा सकते हैं।
दोपहर 12 बजे तक विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 60 मरीजों की जांच कर दवा वितरित की थी। श्रीदत्तगंज सीएचसी में स्वास्थ्य मेले का उद्घाटन अधीक्षक डॉ. अनुराग पांडेय ने किया। यहां पर 210 मरीजों की जांच कर उपचार किया गया और 160 लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाया गया।
सीएचसी में मेले का उद्घाटन अधीक्षक डॉ. सीपी सिंह ने किया। विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. पंकज वर्मा, डॉ. अंजुम फातमा, डॉ. संजय व डॉ. विनय आदि ने मरीजों की जांच कर दवा वितरित की। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नंदमहरा पर आयोजित स्वास्थ्य मेले में डॉ. वसीम खान ने 17 मरीजों की जांच कर दवा वितरित की। जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिवेंद्र मणि ने बताया कि रविवार को नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष्मान भव: मेला व 24 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला आयोजित किया गया। जिसमें कुल 4,638 मरीजों का उपचार किया गया और 969 लोगों का आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाया गया।
गोल्डन कार्ड बनाने में छूट रहे पसीने
गोल्डन कार्ड बनाने के लिए 77 हजार लाभार्थियों की सूची जारी हुई है। जिसमें बड़े पैमाने पर खामियां हैं। दर्ज नाम किस पंचायत से है, इसका उल्लेख न होने से परेशानी आ रही है। दूसरा दर्ज नाम और आधार कार्ड में काफी अंतर है, जिससे गोल्डन कार्ड बनाने में विभाग के कर्मियों को दिक्कत आ रही है। वहीं आयुष्मान मित्रों पर काम का काफी दबाव बना हुआ है।