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मारपीट के दो मामलों में 20 लोगों को कैद

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बलरामपुर। एफटीसी प्रथम ने मारपीट के दो मामलों में सोमवार को 20 लोगों को कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई। एक मामले में 15 लोगों को दोषी मानते हुए दो-दो वर्ष के कारावास व दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा दी है। जबकि दूसरे मामले में पांच लोगों को तीन-तीन वर्ष के कारावास व 14-14 हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नवीन तिवारी ने बताया कि ग्राम मनोहरापुर थाना पचपेड़वा की रहने वाली सावित्री देवी ने न्यायालय में परिवाद दाखिल करते हुए रामसागर, भागीरथी, रंगीलाल, चंदर, रामअवतार, रामसुमिरन, भीखी, हरिराम, मंशाराम, बबलू, गोपाल, महाजन, आज्ञाराम, राम प्यारे व काशीराम के खिलाफ मारपीट का आरोप लगाया था।
न्यायालय ने मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में सभी 15 लोगों को तलब किया। विवेचना के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने पांच गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एफटीसी प्रथम जहेंद्र पाल सिंह ने सभी 15 लोगों को मारपीट का दोषी मानते हुए दो-दो वर्ष के कारावास व दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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वहीं, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रणधीर सिंह ने बताया कि पचपेड़वा के ग्राम मनोहरापुर निवासी अलख प्रसाद यादव ने 18 जून 2006 को थाने में प्रार्थना दिया था। इसमें बताया था कि कोटेदार अश्वनी कुमार से राशन वितरण को लेकर विवाद होने पर पिंगल, अश्वनी कुमार, मंगलू, सालिकराम व लक्ष्मी नरायन ने उसे पीटा, जिससे गंभीर चोटें आईं।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जान से मारने की नियत से हमला करने के जुर्म में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने आठ गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावली की जांच के बाद एफटीसी प्रथम जहेंद्र पाल सिंह ने पांचों लोगों को तीन-तीन वर्ष की कैद व 14-14 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपियों को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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