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147 ग्राम पंचायतों के सचिवों पर दर्ज होगी एफआईआर

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बलरामपुर। गांवों के विकास में अड़चन पैदा कराने वाले जिले के 147 ग्राम पंचायतों में तैनात सचिवों पर एफआईआर दर्ज होने की तलवार लटक रही है। प्रियासॉफ्ट पोर्टल पर डे-बुक बंद न कराने वाले ग्राम पंचायत सचिवों की गर्दन फंस गई है। डीपीआरओ नरेश चंद्र ने डीएम कृष्णा करुणेश के समक्ष गुरुवार को लापरवाह ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए रिपोर्ट प्रस्तुत की है। डीएम के निर्देश पर लापरवाह ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।
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डीपीआरओ ने बताया कि जिले के 147 ग्राम पंचायतों में तैनात ऐसे सचिवों पर जिन्होंने प्रियासफ्ट प्रोसीडिंग के तहत डे-बुक बंद नहीं कराई है। डे-बुक बंद न होने से प्रियासाफ्ट वेबसाइट पर डोंगल रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है। डोंगल पर रजिस्ट्रेशन न होने के चलते ऐसे ग्राम पंचायतों में विकास कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। सदर ब्लॉक में नौ, गेड़ास बुजुर्ग में दो, गैसड़ी में 48, हरैया सतघरवा में 31, पचपेड़वा में 18, रेहरा बाजार में 16, श्रीदत्तगंज में तीन, तुलसीपुर में 14 एवं उतरौला में आठ ग्राम पंचायतों की प्रियासाफ्ट पर डे-बुक बंद नहीं कराई गई है।
प्रियासफ्ट पर डे-बुक बंद न होने से पीएफएमएस पर डोंगल रजिस्ट्रेशन संभव नहीं हो पा रहा है। इन ग्राम पंचायतों में तैनात सचिवों के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए डीएम के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। जिले के सभी 801 ग्राम पंचायतों में तैनात सचिवों को कई बार लिखित व मौखिक रूप से निर्देश दिया गया है कि अपने-अपने ग्राम पंचायतों की डे-बुक बंद कराकर विकास कार्यों की रिपोर्ट तत्काल प्रियासॉफ्ट वेबसाइट पर अपलोड करा दें जिससे गांवों का विकास कराने में दिक्कतों का सामना न करना पड़े। डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए लापरवाह ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी है। डीपीआरओ ने बताया कि डीएम के निर्देश पर तत्काल सुसंगत धाराओं में लापरवाही बरतने वाले ग्राम पंचायत सचिवों पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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