बलरामपुर। सदर तहसील के करमहना तटबंध की मरम्मत पर एक करोड़ 31 लाख 65 हजार रुपये खर्च करने की योजना तैयार की गई है। राप्ती नदी की बाढ़ से जिले के 50 गांवों के लोगों की तटबंध से सुरक्षा होती है। ग्राम रसूलाबाद के पास 210 मीटर और लक्ष्मणपुर के पास 240 मीटर कटे तटबंध की मरम्मत होनी है। यदि बरसात से पहले तटबंध की मरम्मत न कराई गई तो गांवों पर राप्ती नदी के बाढ़ का खतरा मंडराएगा।
जिले में बाढ़ का मुख्य कारण नेपाल से निकली राप्ती नदी है। बरसात में सोहेलवा जंगल से निकले 17 पहाड़ी नालों से भारी मात्रा में पानी आने से राप्ती नदी में बाढ़ का विकराल रूप बनता है। नदी में तेज बहाव के कारण दिशा भी बदलती रहती है। सदर तहसील के बलरामपुर-तुलसीपुर रोड पर इटवा जाने वाले मार्ग के पास राप्ती नदी के बाएं तट पर 5.4 किलोमीटर लंबा करमहना तटबंध निर्मित है। इस तटबंध से रसूलाबाद, रामपुर, रामनगर, आबर, नसीबगंज व रेवारी सहित करीब 50 गांवों की सुरक्षा होती है। करमहना तटबंध के किलोमीटर 0.850 से 1.060 के मध्य और ग्राम रसूलाबाद के पास और किलोमीटर 3.400 से 3.640 के मध्य ग्राम लक्ष्मणपुर के पास कटान करते हुए राप्ती नदी बंधे की तरफ बढ़ रही है। दोनों स्थानों पर सुरक्षात्मक कार्य कराने के लिए एक करोड़ 31 लाख 65 हजार रुपये से नदी के बेड परक्यूपाइन व झाखड़ आदि के निर्माण पर खर्च करने की योजना तैयार की गई है। (संवाद)
समय पर कार्य न हुआ तो बाढ़ से मचेगी तबाही
ग्राम प्रधान सुरेश कुमार यादव, रामनरेश पांडेय, रूद्रप्रताप यादव, पूर्व प्रधान राम केवल, पूर्व प्रधान एमडी यादव, प्रहलाद यादव, रुस्तम अली व पूर्व प्रधान दीनानाथ बताते हैं कि यदि करमहना तटबंध के दोनों क्षतिग्रस्त स्थानों पर कटानरोधी कार्य बरसात से पहले नहीं कराया गया तो 50 से अधिक गांवों में राप्ती नदी के बाढ़ की तबाही मचेगी।
बरसात से कार्य कराने की तैयारी
राप्ती नदी के बाएं तट पर स्थित करमहना तटबंध पर दो गांवों के पास कटानरोधी कार्य कराने की योजना तैयार की गई है। बजट मिलने के बाद बरसात से पहले कटानरोधी कार्य कराने की तैयारी की जा रही है।
-संजय कुमार अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड