सुखपुरा इंटर कॉलेज गेट के पास स्थित शहीद स्मारक और चितबड़ागांव भारतीय स्टेट बैंक की शाखा के समीप तिराहा स्थित श्री वृंदावन शहीद स्मारक पर सोमवार को शहीद दिवस मनाया गया। शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ ही गोष्ठी आयोजित कर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया गया।
सुखपुरा में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित राम विचार पांडेय ने कहा कि बड़ी कुर्बानियों के बाद मिली आजादी को अक्षुण्ण बनाए रखने और राष्ट्र के नवनिर्माण की जिम्मेदारी युवाओं के कंधे पर है। युवा आगे बढ़ें और बिना किसी भेदभाव के दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्र के नवनिर्माण का संकल्प लें। इससे पहले प्रथम सत्र में शहीद स्मारक पर ध्वजारोहण किया गया। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र समाज वह परिवार की पहचान उसके पुरखों से होती है। हमारे पुरखों ने बिना किसी भेदभाव के अपने खून से राष्ट्र को आजाद कराया। उनकी शहादत को हम आज याद कर रहे हैं। उनकी कुर्बानी हमें युगों-युगों तक प्रेरणा देती रहेगी।
द्विजेंद्र मिश्रा ने कहा कि आज का यह दिन भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है। बच्चों और युवाओं को शहीद स्मारक देश के लिए कुछ कर गुजरने की बराबर प्रेरणा देता रहेगा। द्वितीय सत्र में निर्माणाधीन शहीद स्मारक पुस्तकालय वाचनालय में शहीदों की स्मृतियों को नमन किया गया। एकजुट होकर पुस्तकालय वचनालय के निर्माण में आने वाले हर प्रकार की बाधाओं को दूर कर निर्माण कार्य पूर्ण कराने का संकल्प लिया गया। दीनानाथ ओझा की अध्यक्षता में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्याम बहादुर सिंह ने कहा कि शहीदों की कुर्बानियों को व्यर्थ न होने दे भारत के नव निर्माण का संकल्प लें, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मानिक चंद वर्मा, श्री राम सिंह, हरिशंकर सिंह, विनय सिंह, बसंत सिंह, अख्तर अली, प्रमोद सिंह, रमाशंकर सिंह आजाद, अप्पू सिंह, उमेश सिंह, अनिल सिंह, तुफानी सिंह, रामाशंकर यादव, प्रवीण सिंह, अभय सिंह, विप्लव सिंह, राजू वारसी, दिनेश चन्द सिंह, जनार्दन उपाध्याय, राजेश्वर सिंह, अतुल लाल श्रीवास्तव, उषा सिंह, हरेंद्र सिंह, गिरजा शंकर सिंह, राहुल सिंह टिंकू, सचिव हरेराम सिंह रहे। उपनिरीक्षक अखिलेश पाण्डेय ने सलामी दी। राजराम चन्द्र शिक्षण संस्थान के बच्ची ने भी भाग लिया।