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चार स्थानों पर लगाई जाएगी डब्ल्यूटीपी

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बलिया। सतही जल आधारित ग्राम समूह पेयजल परियोजना के तहत जनपद में चार स्थानों पर डब्ल्यूटीपी (वाटर ट्रीटमेंट प्लांट) लगाई जाएगी। परियोजना के लिए फिजिकल सर्वे करने को एलएंडटी की टीम सोमवार को जनपद पहुंची। टीम ने पहले जल निगम कार्यालय में बैठक कर कार्ययोजना की रणनीति बनाई। इसके बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों से भी बात कही गई। 31 अगस्त तक फिजिकल रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। इसके बाद, टेंडर के माध्यम से डीपीआर बनाने के लिए कंपनी का चुनाव किया जाएगा।
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भूगर्भ जल में हानिकारक तत्वों से ट्यूवेल आधारित पेयजल परियोजनाएं भी बहुत जल्द प्रभावित होने लगी है। बलिया के पानी में आर्सेनिक, फ्लोराइड और आयरन आदि की काफी समस्या है। इसे देखते हुए जनपद में ट्यूबवेल आधारित पेयजल परियोजनाओं पर रोक लगा दी थी। पिछले दिनों जनपद में सतही जल आधारित ग्राम समूह पेयजल परियोजनाओं की मंजूरी देते हुए इस संबंध जल निगम को जल्द से जल्द डीपीआर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। सतही जल पेयजल परियोजना के लिए जनपद से होकर बहने वाली नदियों गंगा और सरयू से पानी लिफ्ट किया जाना है। जहां पर ज्यादा पानी निकलने लायक है, वहीं पर इसके स्टोरेज के लिए डब्ल्यूटीपी बनाया जाना है। यहां पानी का ट्रीटमेंट कर इसकी सप्लाई पाइप लाइन के माध्यम से गांव में बनाई गई टंकियों तक की जानी है। पेयजल सप्लाई के लिए मेन पाइप लाइन बिछाई जानी है।
यहां लगाई जाएगी डब्ल्यूटीपी
बलिया। जनपद के गंगा नदी के किनारे दो और सरयू नदी के किनारे दो डब्ल्यूटीपी की योजना बनाई जा रही है। एक डब्ल्यूटीपी के निर्माण पर लगभग 400 करोड़ रुपये का खर्च होने का अनुमान है। गंगा नदी के किनारे नरायनपुर और मुरली छपरा को चिह्नित किया गया है। सरयू के किनारे बेल्थरारोड तथा मनियर और रेवती के बीच एक स्थान का चयन किया जा रहा है। डब्ल्यूटीपी में पानी को फिल्टर करने के बाद पाइप लाइन के माध्यम से इसे जनपद के सभी गांवों तक पहुंचाया जाएगा।
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शासन ने जनपद में ट्यूबवेल आधारित पेयजल परियोजनाओं पर रोक लगाते हुए सतही जल आधारित ग्राम समूह पेयजल परियोजना को मंजूरी दी है। योजना के तहत नामित एलएंडटी कंपनी के अधिकारियों के साथ फिजिकल सर्वे किया जा रहा है। चार स्थानों का चयन किया गया है। 31 अगस्त को सर्वे रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। इसके बाद टेंडर के माध्यम से डीपीआर बनाने के लिए कंपनी का चयन होगा। - अंकुर श्रीवास्तव, एक्सईएन जलनिगम
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