बलिया। मोबाइल बच्चों को इस कदर मानसिक विकृत कर दिया है कि सोचने समझने की शक्ति खत्म हो रही है। एक मामला फेफना थाना के एक गांव में देखने को मिला।
शुक्रवार को एक 15 वर्षीय किशोरी ने बड़े भाई की डांट से क्षुब्ध होकर अपनी कलाई ब्लेड से काट ली। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने इलाज के लिए जिला अस्पताल भर्ती किया। प्राथमिक इलाज के बाद चिकित्सकों ने घर के लिए छुट्टी दे दी। हालत खतरे के बाहर बताई जा रही है। इस घटना के बाद परिवार के सदस्यों में डर बना हुआ है। परिजनों ने बताया कि किशोरी की परीक्षा चल रही है। पापा बाहर नौकरी करते हैं, घर पर मां बेटा बेटी के साथ रहती है। दोनों अच्छे स्कूल में पढ़ते हैं।
स्कूली से छुट्टी होेने के बाद बेटी पढ़ाई पर ध्यान न देकर मोबाइल चलाने लगी। यह देख बड़ा भाई बिफर पड़ा, उसने मोबाइल चलाने से छोटी बहन को मना किया। न मानने पर पिटाई कर दी। इससे क्षुब्ध होकर किशोरी कमरे का दरवाजा बंद कर दिया। अंदर ब्लेड से कलाई काट लिया। परिजन इससे बेखबर थे। कुछ देर बाद खून निकलने पर हालत खराब होने पर चिल्लाने लगी।
आसपास के लोगों ने इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। ईएमओ डाॅ. डीपी गुप्ता ने बताया कि हालत ठीक है। मोबाइल के कारण बच्चों और बड़ों में मानसिक विकृत से वह खतरनाक कदम उठाने से पीछे नहीं हट रहे चाहे अंजाम कुछ भी हो। इस तरह के बच्चों को परिजनों को प्यार से समझाना बुझाना चाहिए।