बलिया। विश्व क्षय दिवस पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा लखनऊ में क्षय उन्मूलन परियोजनाओं का शुभारंभ बृहस्पतिवार को किया गया। इसी उपलक्ष्य में जनपद में मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण वर्मा की अध्यक्षता में विश्व क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम कलेक्ट्रेट सभागार में मनाया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जनपद में 933 टीबी के रोगियों को गोद लिया गया है।
एनजीओ द्वारा 277 लोगों को और कुछ शिक्षण संस्थानों द्वारा 100 लोगों को गोद लिया गया है। गोद लिए गए क्षय रोगियों को बुलाकर उनको सम्मानित किया गया और उनको क्षय रोग से संबंधित जानकारी दी गई। इसके अलावा सभा में उपस्थित सभी चिकित्सा अधिकारियों और अन्य विभाग के अधिकारियों ने किसी न किसी क्षय रोगी को गोद लिया हुआ है। गोद लेने का उद्देश्य क्षय रोगियों का ध्यान रखना है ताकि अच्छी प्रकार से उनका उपचार हो सके। क्षय रोगियों पर नजर रखना है और यह देखना है कि वह समय से अपनी दवाई ले रहे हैं कि नहीं। उनके खाते में सरकार द्वारा भेजी जा रही राहत राशि समय से मिल रही है कि नहीं। । सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिन लोगों ने क्षय रोगियों को गोद ले रखा है उनके घर जाकर उनका हाल चाल लेते रहे। भारत सरकार का भी लक्ष्य है कि 2025 तक भारत को क्षय रोग मुक्त बनाया जाय। यह तभी संभव है जब हम सभी लोग मिलकर इसके लिए प्रयास करें। इस मौके पर कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी नीरज कुमार पांडेय, एमओआईसी, डीएसओ, डब्ल्यूएचओ के अधिकारी, यूनिसेफ के अधिकारी, डीटीओ तथा डीपीओ आदि उपस्थित थे।
टीबी के लक्षण मिलने पर तत्काल कराएं उपचार
बलिया। जिला क्षय रोग अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि अगर किसी भी व्यक्ति को दो हफ्ते से अधिक खांसी आ रही हो तो उसके बलगम की जांच अवश्य कराये। जैसे ही टीबी के लक्षण दिखाई दे तुरंत उसका उपचार शुरू कर दें। टीबी का इलाज बिल्कुल मुफ्त है। टीबी के मरीजों को दवाइयां नि:शुल्क दी जाती है। इसके साथ ही एएनएम और आशाओं के माध्यम से भी उन तक दवाइयां पहुंचाई जाती है। कहा कि टीबी में तीन या चार दवा को एक साथ खाना पड़ता है। समय से दवा लेते रहें, बीच में दवा छोड़नी नहीं है। इसके साथ ही हर महीने अपनी जांच कराते रहना है।
क्षय रोगियों को डॉक्टरों एवं समाजसेवियों ने लिया गोद
सिकंदरपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर पर तैनात 12 डॉक्टरों ने 12 मरीजों को गोद लिया और उनकी समुचित व्यवस्था के लिए जिम्मेदारी ली। डॉ. व्यास कुमार ने बताया कि सरकार के मंशा के अनुरूप मरीजों के इलाज की व्यवस्था की गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात सभी डॉक्टरों ने एक मरीजों को गोद लिया। स्वयंसेवी संस्थाओं को भी गोद लेने के लिए सलाह दी। मरीजों के छह महीने के लिए सभी प्रकार की व्यवस्था डॉक्टर स्वयं करेंगे। दर्जनों मरीजों को दवा वितरण किया गया एवं उनको उचित परामर्श भी दिया गया रहन-सहन खान-पान के बारे में जानकारी दी गई। डॉ. मुख्तार यादव, डॉ. राम किशुन, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. अभिषेक, संजीव मिश्र, पुष्कर राय उपस्थित रहे।