फेफना । जनपद के फेफना में रविवार का दिन बेहद खास था। यों तो लगन के दिनों में एक साथ कई बरातों का आम बात है। लेकिन यहां तो नजारा इससे बेहद खास था। दरअसल यहां पर 765 बेटियों के लिए एक साथ बना मंडप था। एक साथ जुटी सैकड़ों बरात की रौनक की कुछ और थी। मौका था मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह के भव्य आयोजन का। एक ही जगह पर सात जन्मों के बंधन के लिए जहां वैदिक मंत्र गूंज रहे थे, वहीं मौलवी निकाह करा रहे थे। आसमान से हुई पुष्पवर्षा से आयोजन को चार चांद लग गए। कार्यक्रम की शुरुआत राम-सीता विवाह से हुई। दिल्ली और लखनऊ से आए कलाकारों ने राम और सीता के विवाह का मंचन किया। विवाह से पूर्व राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी ने आए लोगों का अभिनंदन किया। प्रभारी मन्त्री अनिल राजभर, राज्य मंत्री सीतीश चंद्र द्विवेदी, डॉ. विपुलेन्द्र प्रताप ने आशीर्वाद दिया।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के लिए 551 जोड़ों का रजिस्ट्रेशन हुआ था। वहीं, विभाग ने बताया कि विवाह के दिन इनकी संख्या बढ़ कर 765 हो गई। सामूहिक विवाह के लिए पहले से तैयारी की जा रही थी। राज्य मंत्री उपेंद्र तिवारी इसके लिए दिन-रात एक किए हुए थे। जिले के कोने कोने के अलावा बिहार प्रांत से भी कई वर व वधू इस सामूहिक वैवाहिक स्थल पर पहुंचे। जोड़ों के लिए अलग-अलग पंडितों ने परंपरा व रीति के अनुसार सभी रस्में पूरी कर विवाह कराया। मुस्लिम परिवार के जोड़े का निकाह मौलवी ने कराया। कार्यक्रम स्थल पर जहां हजारों की संख्या में वर-वधू पक्ष के लोग आए थे, वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम में आए कलाकारों की प्रस्तुति देखने के लिए भी हजारों की भीड़ जुटी थी। उम्मीद से अधिक भीड़ के कारण व्यवस्था करने में आयोजकों को काफी मशक्कत भी करनी पड़ी।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी व सन्त त्रिदंडी स्वामी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। वैवाहिक समारोह में आये जोड़ों ने जनपद के प्रभारी मन्त्री, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री, राज्य मंत्री उपेंद्र तिवारी, उनकी पत्नी दीपिका तिवारी और डॉक्टर विपुलेन्द्र प्रताप से आशीर्वाद दिया। बेसिक शिक्षा मंत्री श्री द्विवेदी ने कहा कि किसी गरीब की बेटी की शादी आर्थिक अभाव रुके नहीं इसके लिए सरकार ने सामूहिक विवाह योजना का संचालन किया है। योगी सरकार ने प्रदेश में विकास की गंगा बहाई है। मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि फेफना में हुए इस बड़ी संख्या में सामूहिक विवाह के आयोजन पर पूूरे प्रदेश की नजर है। यह ऐतिहासिक कार्य है।
सांस्कृतिक प्र स्तुतियों से जमाया रंग
भोजपुरी गायिका अनुभा राय ने ‘आपन खोरिया बहार ए उपेंद्र बाबा, आवतारन दुल्हा दमाद’ पारंपरिक विवाह प्रस्तुति की। इसके बाद अयोध्या से आई कलाकारों की टीम के धनुष भंग से राम विवाह तक का सजीव चित्रण प्रस्तुत कर भक्तिमय वातावरण का संचार कर दिया। भोजपुरी गायक व भिखारी ठाकुर सम्मान से सम्मानित भरत शर्मा, गायक व अभिनेता गोपाल राय, निर्गुण सर्म्रृुट मदन राय, हरेंद्र सिंह, विष्णु ओझा आदि कलाकारों ने अपनी-अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का मनोरंजन किया।
दर्शनीय रही अयोध्या की टीम
फेफना। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सर्वाधिक दर्शनीय अयोध्या से आई टीम रही। विश्वामित्र के साथ राम लक्ष्मण का जाना, ताड़का व सुबाहु राक्षसों का वध, अहिल्या उद्धार के बाद जनकपुरी में धनुषभंग का सजीव मंचन किया गया। रामजी के धनुष तोड़ने के बाद परशुराम जी का क्रोध, लक्ष्मण परशुराम संवाद, सीताजी से रामजी का विवाह के मंचन को लोगों ने सराहा। इसके बाद ‘श्रीरामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भय भव दारुणं ’, गीत पर नृत्य भरत नाट्यम की प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी।
खाने-पीने के साथ ही मनोरंजन का रहा पूरा इंतजाम
बलिया। समारोह स्थल पर वर-वधू पक्ष के लोगों के खाने-पीने के साथ ही मनोरंजन का भी काफी इंतजाम किया गया था। मंच पर जहां भोजपुरी के कई दिग्गज कलाकार उतारे गए थे वहीं मंच पर भोजपुरी अभिनेत्री भी रही। इसके अलावा समारोह स्थल पर कहीं पखावज तो कहीं गोंडऊ नृत्य भी होता रहा। इसके अलावा समारोह स्थल पर लोगों के मनोरंजन को हाथी भी मंगाया गया था। महावत के इशारे पर वह झूमने लगता था जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ रही। इसी तरह समारोह स्थल के आसपास निजी संचालकों की ओर से बच्चों के मनोरंजन के लिए मिक्की माऊस, झूले आदि लगाए गए थे।
कई वर वधू पक्ष के लोग खेतों के रास्ते पहुंचे समारोह स्थल पर
बलिया। कोई सड़क मार्ग से तो कोई खेत के रास्ते वर-वधू को लेकर समारोह स्थल पर पहुंचता रहा। बताया जाता है कि कई बेटियों की शादी आसपास के जनपदों में तय थी। कई वर पक्ष ट्रेन से आए जो स्टेशन पर उतरने के बाद सीधे खेतों से रास्ते ही समारोह स्थल की ओर से चल पड़े। क्योंकि रुट डायवर्ट होने के कारण किसी साधन का संचालन नहीं हो रहा था।
भीड़ होने के बाद अस्त-व्यस्त हो गईं व्यवस्थाएं
बलिया। समारोह स्थल पर विवाह कराने के लिए कुल छह सेक्टर बनाए गए थे। प्रत्येक सेक्टर में तीन ब्लॉक के पंजीकृत जोड़े की शादी का इंतजाम किया गया था। शुरु में व्यवस्था सही चलती रही लेकिन जब भीड़ बढ़ी तो सारी व्यवस्थाएं धरी की धरी रह गई और सेक्टर का प्रभार संभाल रहे अधिकारियों को संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। आलम यह रहा कि जिसको जहां जगह मिली वहीं बैठ गए। इसके चलते कई वर व वधू पक्ष के लोग एक दूसरे का इंतजार करते रहे।
मिलने वाले सामानों को लेकर करते रहे इंतजार
बलिया। विवाह संपन्न होने के बाद अधिकांश जोड़े निर्धारित सामानों की आस में पंडाल के बाहर बैठे रहे। हालांकि अधिकांश दूल्हे के चेहरे में खुशी थी। बताया कि यहां पर सभी व्यवस्थाएं सही रहीं और किसी चीज की कमी नहीं रही। कोपवां बहादुरपुर निवासी दूल्हा देवव्रत ने बताया कि उसकी शादी रतसर के खुश्बू से हुई। कहा कि एक घंटा पहले बताया गया कि सामान लेकर ही घर जाना है लेकिन अभी तक नहीं मिला। कहा कि इस समारोह स्थल पर खाने-पीने की व्यवस्थाएं ठीक रही। बंधैता मिठवार निवासी प्रमोद कुमार भारती ने बताया कि उसकी शादी करची नारायनपुर निवासी कुमार रेखा से हुई है। बताया कि शादी के बाद के अब सामान मिलने का इंतजार कर रहे हैं। कहा कि यहां किसी चीज की दिक्कत नहीं आई। सोहांव ब्लॉक के तेतारपुर निवासी अहुवा का निकाह रसड़ा की अफसाना से हुआ। अहुवा ने बताया कि वह काफी देर से सामानों के मिलने का इंतजार कर रहे हैं। जब सामान मिलेगा तो घर को जाएंगे। आलमपुर छवनी चोगड़ा के असलम का निकास पियरही की गुड़िया से हुआ। असलम ने कहा कि यहां सभी व्यवस्थाएं ठीक रही। कहा कि अब सामान मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
कई परिवारों के लिए वरदान साबित हुई योजना
बलिया। कई परिवारों के लिए सामूहिक विवाह योजना एक तरह से वरदान भी साबित हुआ। रेवती के वाड़ॱर नं 3 निवासी संतोष राम का निधन छह साल पहले हो गया। बेटी की शादी को लेकरी संतोष की पत्नी काफी परेशान थी। संतोष की पत्नी ने बताया कि उसके रिश्तेदारों ने इस बारे में बताया तो ब्लॉक पर पंजीकरण कराया और आज बेटी मनीषा की शादी दयाछपरा निवासी श्रवण से हुआ। इसी तरह मनियर के परशुराम राजभर ने बताया कि उसके कुल आठ संतान थे जिसमें सात बेटियां थी। पांच बेटियों की शादी के दौरान लिया कर्ज आज भी भर रहा हूं। आज एक बेटी की शादी होने से वह बहुत खुश है।
कईयों की कटी जेब तो कईयों के गले से उड़ाया मंगलसूत्र
बलिया। सामूहिक विवाह स्थल पर एक ओर जहां शादी विवाह को लेकर भारी भीड़ थी वहीं दूसरी ओर उचक्कों व जेब कतरों का गिरोह भी काफी सक्रिय रहा। कई लोगों के गले की चेन तो किसी के जेब से पर्स गायब हो गया। खलीलपुर निवासी कंचन देवी, कासिमाबाद निवासी मुखिया देवी ने बताया कि जब वह शादी विवाह में व्यस्त थी उसी समय उचक्कों ने गले से मंगल सूत्र गायब कर दिया।
रुट डायवर्ट के कारण लोगों को पैदल करना पड़ा सफर
बलिया। फेफना के पास कपूरी में सामूहिक विवाह के आयोजन को लेकर फेफना से बलिया के बीच एनएच 31 पर चार पहिया व भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया था। इन वाहनों को रुट डायवर्ट कर गड़वार-मिड्ढा के रास्ते आने का इंतजाम किया गया था। इसकी जानकारी पहले से नहीं होने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस मार्ग पर पड़ने वाले गांवों तक आने-जाने वाले लोग काफी परेशान रहे और प्रशासन की ओर से कोई इंतजाम नहीं किया गया था। कई लोग सामानों को लेकर गांवों तक पैदल जाने को मजबूर रहे।
फेफना में हुए सामूहिक विवाह में आशीर्वाद देते राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी और उनकी पत्नी।- फोटो : BALLIA
फेफना में हुए सामूहिक विवाह में मंच पर राज्य मंत्री उपेंद्र तिवारी के साथ अभिनेत्री पाखी हेगड़े?- फोटो : BALLIA
कपूरी गांव में आयोजित सामूहिक विवाह के दौरान बैठे वर-वधु।- फोटो : BALLIA
कपूरी गांव में आयोजित सामूहिक विवाह के दौरान सड़क पर लगी भीड़।- फोटो : BALLIA