आचार संहिता ने पीएम आवास पर पूरी तरह ग्रहण लगा दिया है। आचार संहिता में 6079 लाभार्थियों का धन अटका हुआ है। आचार संहिता समाप्त होने के एक पखवारे के अंदर खाते में धन भेजना भी विभाग के लिए चुनौती भरा काम होगा। इससे साफ है वित्तीय वर्ष 2016-17 में एक भी पीएम आवास की नींव शायद ही पड़ सके।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2016-17 में जिले के लिए कुल 6079 आवास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इसमें सामान्य के लिए 1139, अनुसूचित जाति के लिए 3424, अनुसूचित जनजाति के लिए 728 व अल्पसंख्यक वर्ग के लिए 788 आवास बनाए जाने हैं। डीआरडीए की ओर से कुल लक्ष्य के सापेक्ष ग्रामवार लक्ष्य निर्धारित कर ब्लॉकों को भेजा गया और ग्राम पंचायतों की ओर से चयन की कार्रवाई भी पूरी कर ली गई। लेेकिन इसी बीच आचार संहिता के लागू होने के कारण धन जारी करने पर रोक लग गई। इसके चलते आवास के लिए चयनित लाभार्थी जहां परेशान हैं वहीं अधिकािरयों के लिए मुश्किल का सबब बना हुआ है। आलम यह है कि चुनावी प्रक्रिया 15 मार्च तक पूरा होना है और इसके बाद ही आचार संहिता समाप्त होगी। इसके बाद वित्तीय साल समाप्त होने में महज एक पखवारा का समय बचेगा। इस एक पखवारे में सभी लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजना भी चुनौती भरा काम होगा।
प्रयास कर खाते में धनराशि उपलब्ध हो भी गई तो इतने कम समय में बैकों से पैसा निकालना और आवास बनाने के लिए संसाधनों को जुटाना लाभार्थियों के आसान नहीं होगा। आचार संहिता की समाप्ति के बाद अधिकारियों ने तत्परता नहीं बरती तो शायद वित्तीय साल 2016-17 में एक भी पीएम आवास की नींव नहीं रखी जा सकेगी।