बलिया। बांसडीह सीएचसी के प्रभारी रहे डाॅ. वेंकटेश मौआर की पत्नी प्रियंका मौआर ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि देवर के साथ दिन में पति से मिलने गई थीं। जहां उन्होंने चार दिन से भोजन नहीं करने व तबीयत खराब होने की जानकारी दी। इसकी सूचना जेल प्रशासन को देकर इलाज की गुहार लगाई थी। इलाज के अभाव में पति की मौत हो गई। प्रियंका ने कहा कि न्यायालय में हमलोग आवेदन देने गए थे। उसी बीच मौत की जानकारी हुई।
डॉ. वेंकटेश मौआर करीब दस वर्ष के कार्यकाल के दौरान कई सीएचसी व पीएचसी के प्रभारी रहे। उनकी मौत का समाचार सुन स्वास्थ्य विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। अमृत फार्मेसी के संचालक अजय तिवारी की शिकायत पर बृहस्पतिवार को वाराणसी की विजिलेंस टीम ने सीएचसी पर रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। इसके वाराणसी ले कर चली गई। वहां कोर्ट में पेश करने के बाद चालान कर दिया गया।
उन्होंने जेल में तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए जेल प्रशासन से दवा व अन्य सुविधाओं की मांग की थी, लेकिन जेल प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। मौत के बाद विजिलेंस की टीम ने बांसडीह सीएचसी पहुंचकर उनके आवास की जांच कर रिकॉर्ड जुटाए। डाॅक्टर वेंकटेश मौआर खैरा थाना बरून औरंगाबाद बिहार के रहने वाले थे। इनके दो पुत्र हैं। वे जिले में नरहीं, वैना, बेरूवारबारी, मनियर के प्रभारी रहे। सोनबरसा 100 बेड के अस्पताल में स्थानांतरण हुआ था, लेकिन चार्ज नहीं लिया था।