रसड़ा (बलिया)। कोतवाली क्षेत्र के सुल्तानीपुर गांव में पढ़ाई के लिए मां की डांट से क्षुब्ध होकर 12 वर्षीय बालक ने फंदे से झूलकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उसकी मौत के बाद उसकी मां यही कहती रही कि अगर हमें पता होता कि पढ़ाई के लिए डांटना काल हो जाएगा तो डांटती ही नहीं।
कक्षा आठवीं का छात्र स्कूल जाने के लिए आनाकानी करता था। शनिवार काे भी उसने स्कूल जाने में आनाकानी की। इसपर मां ने उसे डांट दिया। इसके बाद वह किसी काम से घर से बाहर चली गईं। इस बीच बालक कमरे का दरवाजा बंद कर पंखे के हुक से फंदा लगाकर लटक गया। वापस आने पर बच्चे को फंदे से लटकता हुआ देखकर मां अवाक रह गईं। बेटे को पंखे से उतारकर अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। बालक के पिता दूसरे शहर में किसी प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। उनको हादसे की जानकारी लोगों ने दी है।
कोतवाली प्रभारी विपिन सिंह ने बताया कि परिजनों की तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली है। अस्पताल के मेमो पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।