मंत्री तिवारी के भतीजे अश्विनी की तहरीर पर पुलिस ने नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद चौधरी, उनके पिता एवं पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी, जिपं के पूर्व सदस्य अमित यादव, जिलाध्यक्ष राजमंगल यादव, राजेंद्र यादव, रमेश यादव, शिवपाल यादव, दिनेश यादव, प्रेम प्रकाश यादव, विकास कुमार ओझा समेत 10 नामजद और सैकड़ों अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया था।
पुलिस ने रविवार को एक आरोपी के गिरफ्तार करने का भी दावा किया था। रविवार की रात जिपं अध्यक्ष आनंद चौधरी के गांव कपूरी समेत बलिया स्थित आवास आदि पर शहर कोतवाली और फेफना पुलिस ने छापेमारी की। इस दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया थी। इससे नाराज सपाइयों ने सपा कार्यालय पर पत्रकार वार्ता बुलाई।
एफआईआर के संबंध में पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी ने रविवार को कहा कि आरोप और मुकदमा पूरी तरह हास्यास्पद है। आनंद चौधरी के अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद डीएम और एसपी के निर्देश पर फेफना एसओ ने स्वयं अपनी जीप से उन्हें फेफना स्थित हमारे आवास पर छोड़ा था। मैं पहले से ही घर पर था। ऐसे में विजय जुलूस में हमारे शामिल होने की बात पूरी तरह मनगढंत है।
वीडियो में गाली गलौज करने वाले भाजपा के ही लोग हैं। उन्होंने साजिश के तहत ऐसा किया है। इसके लिए उन्होंने कुछ फोटो भी दिखाए। कहा कि निर्दोषों को रिहा करें। सही लोगों पर कार्रवाई की जाए। दोषी पुलिसकर्मियों की जांच के साथ ही कार्रवाई की जाए। एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं होने पर सपा आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेगी।