सपा प्रमुख अखिलेश यादव के उन्हें समर्थन करने के सवाल पर उन्होंने कहा, ''अगर उन्हें सरकार बनानी है तो उन्हें समर्थन करने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। वे जब मायावती के साथ गठबंधन कर सकते हैं तो मुख्तार का समर्थन करने में कोई समस्या नहीं होगी।'' राजभर ने इससे पहले मुख्तार को पुराना दोस्त बताया था। वे यूपी में भाजपा सरकार में मंत्री होने के बावजूद उनसे पंजाब की जेल में भी मिलने जाते थे।
राजभर की मुख्तार से मुलाकात पर यूपी सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा, ''यह सिर्फ राजभर और माफिया मुख्तार अंसारी की मुलाकात नहीं थी, बल्कि यह तुष्टीकरण की राजनीति का सबूत था, जिसके बारे में भाजपा बात करती रहती है।''
सितंबर में बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने कहा था कि उनकी पार्टी अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनावों में माफिया या बाहुबली उम्मीदवारों को खड़ा नहीं करने का प्रयास करेगी। उन्होंने घोषणा की थी कि मुख्तार अंसारी को अब मऊ से टिकट नहीं दी जाएगी।