जिला चिकित्सालय की व्यवस्था पर विधायक सुरेंद्र सिंह ने र असंतुष्टी जताई। कहा कि राजा और मुखिया यदि अपने जनता, समाज के लिए पूरी चिकत्सक सुविधा नहीं दे सकता वो श्रेष्ठ नहीं कहा जा सकता। इस क्षेत्र में भी सुधार हुआ है, लेकिन बलिया में चिकित्सकीय व्यवस्था में अपेक्षाकृत सुधार नहीं हुआ है। इसके लिए मैं अपने को भी जिम्मेदार मानता हूं। भगवान ने चाहा तो बलिया भी वाराणसी की तरह हो जाएगा।
विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही शहर से लेकर गांवों तक चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है। जगह-जगह भाजपा, सपा, बसपा व कांग्रेस कार्यकर्ता के बीच बैठक कर चुनावी रणनीति पर मंथन शुरू हो गया है। मतदाता की नजर जहां विभिन्न प्रत्याशियों की घोषणा पर टिक गई है। वहीं चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों ने हाईकमान की गणेश परिक्रमा शुरू कर दी है।
बलिया में विधानसभा चुनाव छठे चरण में तीन मार्च को होने हैं। इसे देखर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के साथ ही मतदाता भी गुणा-गणित लगाने लगे हैं। अंदाजा लगाया जा रहा हैं कि फलां प्रत्याशी को टिकट मिलेगा तो फलां प्रत्याशी की जीत हो सकती है। यदि फलां प्रत्याशी को टिकट मिलेगा तो फलां का हारना तय है।
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