बलिया। जनपद में डेंगू बुखार तेजी से पांव पसारने लगा है। बृहस्पतिवार को भी डेंगू दो नए मरीज मिले। जिले में अब डेंगू के मरीजों की संख्या 45 हो गई है। चिकित्सकों का कहना है कि छोटी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।
अब तक जिले में डेंगू के कुल 45 मरीज मिले हैं। इसके अलावा जांच रिपोर्ट नहीं आने के कारण एक मरीज को संदिग्ध बताया जा रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुनील कुमार यादव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संक्रमित मरीजों के आवास पर पहुंचकर डेंगू का लार्वा नष्ट कराने के साथ एंटी लार्वा का छिड़काव कराया। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि सभी मरीजों का इलाज घर पर चल रहा है और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है। जिन गांवों और मोहल्लों में डेंगू के मरीज पाए गए हैं, वहां कीटनाशक रसायनों का छिड़काव कराने के साथ ग्रामीणों को बीमारी से बचाव के लिए जागरूक भी किया गया है।
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सुरक्षा ही बचाव, ऐसे बचें
डेंगू के मच्छर साफ पानी में ही पनपते हैं। यदि आप आपने घर में साफ पानी जमा होने से रोक लेते हैं तो इनके प्रकोप को रोका जा सकता है। इसके लिए अलावा आप मच्छरदानी का उपयोग करें। यदि आपके घर में किसी को तेज बुखार है तो उसे तुरत डेंगू की जांच के लिए ले जाएं।
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एडीज मच्छर से फैलती बीमारी
डेंगू एडीज मच्छर के काटने से होता है। जब ये मच्छर हमारे शरीर में काटते हैं तो शरीर में वायरस फैल जाता है। ये वायरस प्लेटलेट्स के निर्माण प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं। सामान्यत: हमारे शरीर में एक बार प्लेटलेट्स का निर्माण होने के बाद 5-10 दिन तक रहता है, जब इनकी संख्या घटने लगती है तब शरीर कमजोर हो जाता है।