बलिया। जनपद के बसंतपुर और फेफना में दो सीएचसी का संचालन हाल ही में शुरू हुआ है। दोनों का उपयोग फिलहाल कोविड अस्पतालों को रूप में किया जा रहा है। दोनों ही सीचएसी को अग्निशमन यंत्रों से लैस किया जाएगा। इसके लिए शासन की ओर से 49 लाख रुपये के बजट को मंजूरी दी गई है। पहली किस्त में छह लाख रुपये जारी करते हुए श्रम विकास सहकारी समिति लिमिटेड को कार्यदायी संस्था बनाया गया है।
जिले के कई पीएचसी को अपग्रेड कर इन्हें सीएचसी का दर्जा दिया गया है। इनका काम भी पूरा हो चुका है। इसमें बसंतपुर और फेफना में बनी सीएचसी की संचालन कोविड अस्पतालों के रूप में किया गया है। कोरोना काल से ही फेफना एल-1 और बसंतपुर सीएचसी एलटू अस्पताल के रूप में कार्य कर रहे हैं। बड़े संस्थानों के साथ ही अस्पतालों में भीषण आग जैसा हादसे की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए स्वास्थ्य विभाग कवायद शुरू की है। अस्पताल में अगजनी की स्थिति से निपटने के लिए अलार्म सिस्टम लगाया जाएगा, ताकि अलार्म बजने के साथ ही आग बुझाने के प्रबंध कार्य करना शुरू कर दें। शासन ने प्रदेश के कुल 40 नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अग्निशमन का प्रबंध करने के लिए 9.76 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसमें जनपद की भी दो सीएचसी बसंतपुर और फेफना भी शामिल हैं। प्रति सीएचसी 24.40 लाख रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। इसके लिए श्रम विकास सहकारी समिति लिमिटेड को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। कार्य शुरू करने के लिए प्रति सीएचसी तीन-तीन लाख रुपये की धनराशि भी जारी की गई है।