बांसडीह क्षेत्र के केवटलिया गांव में लोगों के घरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी।
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बेल्थरारोड। सरयू नदी के पानी के दबाव से चैनपुर गुलौरा के टीएस बंधे की पुलिया टूट गई जिससे पूरे गांव में पानी फैल गया। तहसीलदार जितेंद्र कुमार सिंह मौके पर पहुंचे तथा तत्काल पुलिया बंद करने का निर्देश दिया। प्रधान सियाराम यादव द्वारा मजदूरों से पुलिया में बालू की बोरियां डलवा कर पानी के बहाव को रोका गया।
नदी का पानी टीएस बंधे पर करीब पांच फुट ऊपर तक पहुंच गया है। तेजी से बढ़ रहे जलस्तर से तटवर्ती करीब एक दर्जन ग्राम बाढ़ की चपेट में हैं। तटवर्ती क्षेत्रों में पानी भर जाने से पशुपालक अपने पशुओं के साथ बंधा पर शरण लिए हैं। तटवर्ती चैनपुर, मठिया, टगुनिया, खैरा खास, बेल्थराबाजार, सहिया, सोनबरसा हल्दीरामपुर आदि ग्रामों में पानी भर जाने से लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। कहीं-कहीं तटवर्ती लोग रतजगा कर रहे हैं। सोनौली- बलिया राजमार्ग से सटकर नदी का पानी बह रहा है। टीएस बंधे और नदी के बीच डेंजर जोन में बसे आधा दर्जन ग्रामों के अस्तित्व पर ग्रहण लग गया है। हाहानाला राजभर बस्ती, तुर्तीपार में माली बस्ती और मल्लाह बस्ती में नदी का पानी फैल गया है। कई संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। जिससे आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। जलस्तर में लगातार वृद्धि का सिलसिला जारी रहा तो हालात ज्यादा खराब हो जाएंगे। उधर, तहसीलदार जितेंद्र कुमार सिंह ने चैनपुर गुलौरा, खैरा खास, तुर्तीपार, बेल्थरा बाजार, हल्दी रामपुर आदि तटवर्ती क्षेत्रों का दौरा कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट है। तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ चौकियां स्थापित की नदी की प्रकृति पर पैनी नजर रखी जा रही है। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार मंगलवार को सायं जलस्तर 65.120 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो लाल इंसान 64.010 से 1.20 मीटर अधिक है। आयोग का कहना है कि आधा से एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है।