नगरा थाना क्षेत्र के खारी देवरिया गांव में करीब साढ़े तीन साल पहले एक विवाहिता की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। गुरुवार को मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आरोपी पति अश्वनी कुमार, ननद मीरा तथा सास सुमित्रा देवी के विरुद्घ दोष साबित पाया। जबकि जेठानी लाखमुनी देवी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, मऊ जिले के कोतवाली क्षेत्र के ख्वाजा जहांपुर निवासी वादी अवधेश यादव ने नगरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसकी बहन नीतू की शादी नगरा थाना क्षेत्र के देवरिया गांव निवासी अश्वनी कुमार के साथ सात साल पहले हुई थी। शादी के समय दान दहेज में सारा सामान दिया गया था। लेकिन ससुराल के लोग दहेज में मऊ शहर में दो कट्ठा जमीन की मांग करते रहे। इसके लिए उसकी बहन को ससुराल के लोग प्रताड़ित करते थे। 25 मार्च 2013 को मोबाइल पर सूचना दिया कि तुम्हारी बहन की तबियत खराब है। जब हम लोग बहन के घर पहुंचे तो वह मृत अवस्था में पलंग पर मिली। ससुराल के लोगों ने बताया कि तुम्हारी बहन ने फांसी लगाया है।
बहन की मौत संदिग्ध लगने के चलते मायके की ओर से थाने में तहरीर दर्ज कराई गई। जिसपर पर पुलिस ने भादवि की धारा 498 तथा 306 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया। लेकिन विवेचना 302 तथा 201 में आरोप पत्र न्यायालय में भेजा गया। सुनवाई करते हुए अपर जिला सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार द्वितीय की अदालत ने पति, सास और ननद के खिलाफ दोष साबित पाते हुए आजीवन कारावास तथा अर्थदंड की सजा से दंडित किया। वहीं जेठानी लाखमुनी देवी को साक्ष्य के अभाव में बाइज्जत बरी कर दिया।