मझौवांदया छपरा। चक्की नौरंगा में गंगा नदी का जलस्तर कम होने के साथ ही कटान तेज हो गई है। घुरना ठाकुर, जगदत ठाकुर, संजय चौधरी, लकड़ी मिश्र, संजय ठाकुर की 30 बीघा जमीन और तीन लोगों के मकान गंगा में समा गए। पांच वर्षों में 40 परिवारों की भूमि व मकान गंगा में समाहित हो चुके हैं।
केंद्रीय जल आयोग गायघाट गेज के अनुसार सोमवार के दिन 4 बजे गंगा नदी का जलस्तर 58.680 मीटर दर्ज किया गया। इसके साथ 2 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से नदी का जलस्तर घट रहा है। गंगा नदी लाल निशान 57.615 मीटर से 1.065 मीटर ऊपर बह रही है।
प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बनी पुलिया का बचा एक पिलर भी ढह गया। 24 घंटे के भीतर सूरज राम, नगरजीत राम, हीरा राम के मकान कटान में ढह गए। मकान का कुछ हिस्सा एक सप्ताह पहले ही कट गया था।
कटान से पीड़ित लोग तटबंधों पर अपना डेरा डाले हुए हैं। बेघर हुए सुरेश, सविता देवी, सूर्यवली, लक्ष्मण, सतन ने बताया कि परिवार में कुल 20 से 25 लोग हैं। चक्की नौरंगा में पक्का घर बना लिया था लेकिन फिर से घर कटान में चला गया। सुरेश यादव ने बताया कि उनकी पांच एकड़ जमीन गंगा में समा गई। मकान गंगा नदी के करीब है। अपने ही हाथों अपना आशियाना तोड़ रहे हैं।
उधर, बाढ़ प्रभावित इलाकों के ऊंचे स्थानों से पानी निकल चुका है, लेकिन दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही है। सड़क पर गंदगी और कीचड़ से आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो गई है। चारे की समस्या गहरा गई है।
बांटी राहत सामग्री: दया छपरा। बाढ़ से विस्थापित होकर एनएच-31 पर शरण लिए बाढ़ पीड़ितों में अवनीश कुशवाहा ने सोमवार को खाने-पीने की सामग्री बांटी। टेंगरही, वंश गोपाल छपरा, सुघर छपरा तक पीड़ितों में सामग्री का वितरण किया गया।
उधर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनवानी के प्रभारी निरीक्षक डाॅ. मुकर्रम ने बाढ़ चौकी लखनेश्वर पंचमुखी हनुमान मंदिर मझौवां पर शिविर संचालन के लिए डॉ. सर्वजीत यादव, राजेश कुमार तिवारी, रामचन्द्र गुप्ता और दिनेश ठाकुर को लगाया है। वे लोगों की जांच कर दवा दे रहे हैं।
14 खच्चरोें ने दम तोड़ा: नरहीं। दियारा में बाढ़ के पानी से दलदल में फंसने से 14 खच्चरोें ने दम तोड़ दिया। मवेशियों को ढूंढने निकले पशुपालकों को खच्चर सोमवार को दियारा के सरपत में मृत अवस्था में मिले।
यह खच्चर शाहपुर बभनौली, इच्छा चौबे का पूरा,कोट अंजोरपुर के बताए जा रहे हैं। पशु-चिकित्सक डॉ. केके मौर्या ने दियारा पहुंच कर घोड़ों का पोस्टमार्टम किया।